किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम अमरिंदर सिंह का चुनावी दांव

किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम अमरिंदर सिंह का चुनावी दांव

किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम अमरिंदर सिंह का चुनावी दांव
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: July 9, 2021 1:21 pm IST

चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को वादा किया कि अगर उनकी पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन राज्य में सत्ता में आता है तो केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। बादल ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का भी वादा किया। बादल की पार्टी राज्य में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन में लड़ेगी।

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बादल ने एक ट्वीट में कहा, “आज, मैं पंजाबी लोगों को आश्वस्त करता हूं: 2022 में सत्ता में आने के तुरंत बाद, शिअद-बसपा गठबंधन सरकार किसान आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को सम्मानित करते हुए उनके परिवार को सरकारी नौकरी, उनके बच्चों और पोते-पोतियों को स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य बीमा कवर देगी।’’

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बादल ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए “काले” कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसान पिछले सात महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान 550 से अधिक किसानों की मौत हो गयी है।

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उन्होंने कहा कि यदि शिअद-बसपा गठबंधन सत्ता में आता है तो उसका पहला फैसला आंदोलन के दौरान मरने वाले सभी किसानों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का होगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में किसान विजयी होंगे।

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