युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले की जांच प्रभावित करने के आरोप में एडीजीपी निलंबित

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले की जांच प्रभावित करने के आरोप में एडीजीपी निलंबित

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले की जांच प्रभावित करने के आरोप में एडीजीपी निलंबित
Modified Date: July 24, 2026 / 02:43 pm IST
Published Date: July 24, 2026 2:43 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 जुलाई (भाषा) केरल सरकार ने 2023 में अलप्पुझा में ‘नव केरल सदस’ कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले की जांच को प्रभावित करने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम. आर. अजितकुमार को अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक निलंबित कर दिया।

अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम 3(1) के तहत मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा द्वारा जारी निलंबन आदेश अलप्पुझा दक्षिण थाने में दर्ज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के निष्कर्षों के आधार पर जारी किया गया है।

यह मामला 15 दिसंबर 2023 को ‘नव केरल सदस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सुरक्षा दल के सदस्यों द्वारा अलप्पुझा से मौजूदा विधायक ए. डी. थॉमस सहित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर किए गए कथित हमले से संबंधित है।

आदेश के अनुसार, अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक शौकत अली के नेतृत्व वाली एसआईटी द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट से पता चला है कि तत्कालीन एडीजीपी (कानून और व्यवस्था) के कार्यालय से जांच अधिकारियों पर दबाव बनाया गया था।

निलंबन आदेश में कहा गया, ‘‘तत्कालीन एडीजीपी (कानून और व्यवस्था) एम. आर. अजितकुमार के कार्यालय ने जांच को प्रभावित किया और इसे इस तरह तोड़-मरोड़ा गया कि अंततः यह मामला बंद हो गया। पूर्ववर्ती जांच अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन पर मामले को बंद करने के लिए दबाव डाला गया।’’

आदेश में एसआईटी द्वारा पूर्व जांच अधिकारियों- निरीक्षक के. पी. टॉमसन, पुलिस उपाधीक्षक अरुण के. एस. और सुनीलराज के बयानों का संदर्भ दिया गया।

अजितकुमार के निलंबन की खबर के बाद विधायक थॉमस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अजितकुमार विवादों में घिरे हैं। वर्ष 2024 में त्रिशूर पूरम के आयोजन में व्यवधान से जुड़ी घटना से निपटने के तरीके को लेकर भी उन पर आरोप लगे थे।

उनके निलंबन के बारे में संवाददाताओं के सवाल पर केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि यह फैसला पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है और इसमें कुछ भी असाधारण नहीं है।

इस बीच, केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि अजितकुमार सेवा में बने रहने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई कई विवादास्पद घटनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

भाषा

खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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