नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को अल-फलाह समूह के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को धन शोधन मामले में दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी।
सिद्दीकी की पत्नी का चौथे चरण के डिम्बग्रंथि कैंसर का इलाज जारी है और उन्होंने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अदालत में अर्जी दायर की थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने सिद्दीकी को राहत देते हुए कहा कि उनकी पत्नी की कीमोथेरेपी हो रही है और इलाज के दौरान उन्हें सहायता की आवश्यकता है।
अदालत ने आदेश में कहा, “सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद मेरा मानना है कि याचिकाकर्ता-आरोपी को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि उनकी पत्नी अस्वस्थ हैं।”
अदालत ने पाया कि सिद्दीकी की पत्नी दिल्ली के एक अस्पताल में कीमोथेरेपी करवा रही हैं और प्रवर्तन निदेशालय ने रिकॉर्ड में रखे गए चिकित्सा दस्तावेजों पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
अदालत ने यह भी कहा कि दंपति के तीन बच्चे संयुक्त अरब अमीरात में पढ़ रहे हैं और भारत आने में असमर्थ हैं, जिससे महिला को तत्काल पारिवारिक सहायता नहीं मिल पा रही है।
अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता की पत्नी को देखभाल व सहायता की आवश्यकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और यह भी एक तथ्य है कि उनके (सिद्दीकी के) अलावा उनका कोई परिवार या बच्चे नहीं हैं और केवल याचिकाकर्ता पति ही उनकी सहायता करने के लिए बाध्य हैं।”
प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में सिद्दीकी को 18 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला, अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्थानों में नामांकित विद्यार्थियों से कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।
सिद्दीकी को एक लाख रुपये के मुचलके और जमानत राशि जमा करने पर दो सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी गई है।
भाषा जितेंद्र माधव
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