नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि पिछले साल जून में एअर इंडिया के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस दुर्घटना की जांच वायुयान दुर्घटना अनुसंधान ब्यूरो (एएआईबी) कर रहा है। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।
पिछले साल 12 जून को लंदन गैटविक जाने वाला एअर इंडिया का एक विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई।
नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एएआईबी की जांच जारी है।
मंत्री ने कहा, “दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है और समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
पिछले साल 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में, एएआईबी ने कहा था कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल में बंद कर दी गई थी, जिससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई थी।
मोहोल ने कहा कि दुर्घटना पर प्रारंभिक रिपोर्ट में उस समय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्यात्मक जानकारी शामिल है और इसमें कोई अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें शामिल नहीं हैं।
एक सूत्र ने 30 जनवरी को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एअर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच कर रही एएआईबी टीम विमान के कुछ कल-पुर्जों की जांच के साथ ही विभिन्न पहलुओं का आकलन कर रही है तथा दुर्घटना के संभावित कारणों के संदर्भ में “किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है”।
भाषा अविनाश सुरेश
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