जम्मू, आठ जून (भाषा) वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए कठुआ पुलिस ने ड्रोन से निगरानी, राजमार्गों पर कड़ी नजर रखने और यात्रा मार्ग पर जमीनी स्तर पर गहन जांच सहित एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
अगले महीने तीन तारीख को 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा शुरू होगी और इसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कठुआ जिला पुलिस लाइंस में सोमवार को आयोजित एक सुरक्षा समीक्षा-सह-समन्वय बैठक में जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तीन जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय यात्रा के दौरान अधिकतम सतर्कता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में पुलिस, सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए ताकि तीर्थयात्रियों की सुविधा से समझौता किए बिना पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समन्वित सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि बैठक में यात्रा की सुरक्षा संरचना पर एक व्यापक प्रस्तुति दी गई, जिसमें निगरानी, काफिला प्रबंधन, त्वरित कार्रवाई बल (क्यूआरटी) की तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी शामिल है।
प्रवक्ता के बताया कि एसएसपी ने बढ़ी हुई सतर्कता, निर्बाध समन्वय, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन और तीर्थयात्री-अनुकूल वातावरण को रेखांकित किया।
शर्मा ने पर्यवेक्षक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंगर, ठहरने के केंद्रों और यात्रा से संबंधित अन्य सुविधाओं का नियमित निरीक्षण करके सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें।
एक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में उपस्थित अधिकारियों को खुफिया जानकारी जुटाने में तेजी लाने, कार्रवाई योग्य इनपुट तुरंत साझा करने और एक मजबूत और सक्रिय सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करने के लिए खुफिया एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि सीमावर्ती इलाके से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचडब्ल्यू) और रेल पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जिसमें चौबीसों घंटे निगरानी, जांच चौकी और क्षेत्र गश्त पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचडब्ल्यू) के किनारे, होटल और ढाबों में तथा कारखाने के श्रमिकों की गणना और किरायेदार सत्यापन अभियान पूरा करने पर भी जोर दिया गया ताकि यात्रा मार्ग के आसपास किसी भी राष्ट्रविरोधी तत्व की उपस्थिति को रोका जा सके।
भाषा धीरज नरेश
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