अमरनाथ यात्रा: सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए शाह ने बैठक की अध्यक्षता की

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अमरनाथ यात्रा: सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए शाह ने बैठक की अध्यक्षता की

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 12:30 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 12:30 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा और संचालनगत तैयारियों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

वार्षिक अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होने वाली है।

बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

हिमालय पर्वतमाला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम की जरूरत होती है जिसमें केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियां ​​मिलकर काम करती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियां ​​श्रद्धालुओं के वास्ते पूरी तरह सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक निगरानी तकनीक, खुफिया जानकारी पर आधारित निगरानी और कई एजेंसियों के बीच तालमेल का इस्तेमाल कर रही हैं।

तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन अधिक ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे।

इस सप्ताह की शुरुआत में उपराज्यपाल सिन्हा ने तैयारियों की समीक्षा की और विभिन्न विभागों तथा सुरक्षा एजेंसियों को बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, ‘कनेक्टिविटी’ और तीर्थयात्री सेवाओं से जुड़ी सुचारू व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने अत्याधुनिक जांच स्क्रीनिंग और उपकरण भी तैनात किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर्स, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर्स, विस्फोटक और तरल विस्फोटक डिटेक्टर्स, नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर्स (एनएलजेडी), प्रतिबंधित सामग्री का पता लगाने वाले उपकरण, वाहनों के नीचे जांच करने वाले दर्पण, ऑप्टिकल फाइबरस्कोप, मल्टी-टाइप सीसीटीवी सिस्टम, एक्स-रे बैग स्कैनर (एक्सबिस), वाहनों पर लगे एक्स-रे स्कैनर, मल्टी-जोन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर्स (डीएफएमडी), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर्स (एचएचएमडी), सर्च मेटल डिटेक्टर्स और अन्य विशेष उपकरण शामिल हैं।

पुलिस ने क्यूआर आधारित ‘‘पहचान ऐप’’ की भी शुरुआत की है जिसे यात्रा मार्ग पर काम करने वाले कामगारों और विक्रेताओं की डिजिटल रूप से पहचान सत्यापित करने के लिए बनाया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि यह प्रणाली असत्यापित व्यक्तियों को तीर्थयात्रा व्यवस्था में घुसने से रोकने में मदद करेगी और साथ ही जवाबदेही और भीड़ प्रबंधन के तरीके को भी बेहतर बनाएगी।

किरायेदारों के सत्यापन अभियान, ठहरने की जगहों की जांच और खुफिया जानकारी जुटाने के काम भी तेज कर दिए गए हैं।

तीर्थयात्रा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सीआरपीएफ ने संचालनगत तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है।

सीआरपीएफ महानिदेशक (डीजी) सिंह ने भी घाटी का दौरा किया और बालटाल जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया, साथ ही कमांडरों को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा