महिला आरक्षण कानून में संशोधन: भाजपा ने कांग्रेस पर अवरोध पैदा करने का लगाया आरोप

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महिला आरक्षण कानून में संशोधन: भाजपा ने कांग्रेस पर अवरोध पैदा करने का लगाया आरोप

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 04:43 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने में बाधाएं खड़ी कर रही है।

सत्तारूढ़ दल ने ऐसे वक्त हमला किया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया कि परिसीमन और अन्य पहलुओं के विवरण के बिना महिला आरक्षण कानून पर कोई भी सार्थक चर्चा करना ‘‘असंभव’’ होगा, और मांग की कि 29 अप्रैल को राज्य चुनावों का मौजूदा दौर समाप्त होने के बाद इस मामले पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

प्रधानमंत्री को लिखे खरगे के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘‘16, 17 और 18 अप्रैल को संसद में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलेगा, जब महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाया जाएगा। यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाने के जरिए उठाया जाएगा, जिसे वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था।’’

पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘उस समय भी और अब भी, इस बात पर आम सहमति है कि हमें इस ऐतिहासिक कदम में देरी नहीं करनी चाहिए, जिसमें पहले ही दशकों की देरी हो चुकी है। और हमें इसे तुरंत लागू करना चाहिए ताकि 2029 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव में महिलाओं को उनका उचित हिस्सा मिल सके।’’

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लेकिन, दुर्भाग्य से, ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे आकर्षक नारे गढ़ने वाली और महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए खड़े होने का दावा करने वाली यह पार्टी, सुधार के बजाय अवरोध के पक्ष में खड़ी है।

पूनावाला ने कहा, ‘‘उन्हें हमेशा सुधार के गलत पक्ष में देखा जाता है। वे सुधार के पक्ष में नहीं, बल्कि बाधा डालने के पक्ष में हैं। वे चर्चा और विचार-विमर्श के पक्ष में नहीं, बल्कि व्यवधान पैदा करने के पक्ष में हैं। वे आम सहमति के पक्ष में नहीं, बल्कि टकराव के पक्ष में हैं।’’

पूनावाला ने आरोप लगाया, ‘‘वे बहाने बनाते हैं लेकिन इस महान सुधार प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहते।’’

सरकार ने संसद का बजट सत्र बढ़ा दिया है और 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से भी जाना जाता है, में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार और उन्हें पारित किए जाने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी।

संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं को लिखे पत्र में मोदी ने यह भी कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाओं को प्रगति करने, निर्णय लेने और सबसे महत्वपूर्ण बात, नेतृत्व करने का अवसर मिलता है।

पूनावाला ने कहा कि संसद का आगामी सत्र कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए एक ‘‘परीक्षा’’ होगी, जिससे यह निर्धारित होगा कि वे ‘‘महिला सशक्तिकरण के महान उद्देश्य के प्रति केवल दिखावा’’ करते हैं या वास्तव में इसे गंभीरता से लेते हैं।

भाषा आशीष रंजन

रंजन