जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा के विरोध के बीच सोमवार को हंगामा होने के आसार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा के विरोध के बीच सोमवार को हंगामा होने के आसार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा के विरोध के बीच सोमवार को हंगामा होने के आसार
Modified Date: September 27, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: September 27, 2026 6:01 pm IST

श्रीनगर, 27 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग को लेकर लाए गए प्रस्ताव का विरोध कर रही है।

अब्दुल्ला द्वारा शुक्रवार को प्रस्ताव पेश किए जाने के तुरंत बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा में हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

भाजपा ने इस प्रस्ताव को लाने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। प्रस्ताव में राज्य के दर्जे की बहाली को 1953 से पहले की स्थिति से जोड़ा गया था।

वहीं, अब्दुल्ला ने कहा कि उनके प्रस्ताव में केवल राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर मतदान की मांग की गई है।

अब्दुल्ला ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि भाजपा विधायकों ने प्रस्ताव पर मतदान से बचने के लिए सदन में हंगामा किया।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पेश किए गए नए प्रस्ताव से अधिक स्वायत्तता या विशेष दर्जे से संबंधित पहले के प्रस्तावों को कमजोर नहीं किया गया है। यह प्रस्ताव राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर सभी की एकजुट आवाज सामने लाने के लिए पेश किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन से अनुच्छेद 370 या विशेष दर्जे पर मतदान करने के लिए नहीं कहा जा रहा है, क्योंकि क्रमशः 26 जून 2000 और छह नवंबर 2024 को पारित किए गए ये प्रस्ताव पहले से ही सदन की संपत्ति हैं।

भाजपा के इस आरोप को खारिज करते हुए कि यह कदम “राष्ट्र-विरोधी” है, अब्दुल्ला ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह प्रस्ताव में किसी भी असंवैधानिक भाषा के बारे में बताए। उन्होंने कहा, “हम केवल यह कह रहे हैं कि केंद्र को जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करना चाहिए। मुझे इस प्रस्ताव में इस्तेमाल किया गया एक भी राष्ट्र-विरोधी शब्द दिखाइए।’’

जहां सहयोगी दल के रूप में कांग्रेस ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन किया है, वहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने भी इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का समर्थन किया है।

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि राज्य का दर्जा कोई खैरात नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता का अधिकार है।

भाजपा विधायकों ने हालांकि जम्मू-कश्मीर सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के हालिया कदमों का उद्देश्य पहले की राजनीतिक व्यवस्था को फिर से बहाल करना और संवैधानिक ढांचे को चुनौती देना है।

भाषा

देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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