यादवपुर विश्वविद्यालय में बढ़ते तनाव के बीच भाजपा ने एबीवीपी से दूरी बनाई

यादवपुर विश्वविद्यालय में बढ़ते तनाव के बीच भाजपा ने एबीवीपी से दूरी बनाई

यादवपुर विश्वविद्यालय में बढ़ते तनाव के बीच भाजपा ने एबीवीपी से दूरी बनाई
Modified Date: August 20, 2026 / 08:22 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:22 pm IST

कोलकाता, 20 अगस्त (भाषा) यादवपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को तनाव बढ़ने के बीच भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से दूरी बना ली, जिससे पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी और राज्य के विश्वविद्यालयों में राजनीतिक पैठ बनाने की कोशिश कर रहे दक्षिणपंथी छात्र संगठन (एबीवीपी) के रिश्तों को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई।

भाजपा को एबीवीपी की गतिविधियों से जोड़ने की कोशिशों के बीच पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों (भाजपा और एबीवीपी) अलग-अलग संगठन हैं।

उन्होंने कहा, “एबीवीपी भाजपा की छात्र इकाई नहीं है। यह एक राष्ट्रवादी छात्र संगठन है, जो स्वतंत्र रूप से काम करता है और भाजपा का कोई आनुषंगिक संगठन नहीं है।”

भट्टाचार्य ने कहा कि एबीवीबी के रुख के बारे में भाजपा के पास कहने के लिए कुछ नहीं है और संगठन अपने फैसले खुद लेता है।

उन्होंने कहा, “भाजपा शैक्षणिक परिसरों के भीतर छात्र राजनीति को बढ़ावा देने के खिलाफ है। भाजपा का कोई सदस्य परिसर के बाहर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों में दखल दे सकता है, लेकिन किसी परिसर के अंदर जाकर किसी छात्र संगठन के साथ मिलकर राजनीति करना भाजपा का उद्देश्य नहीं है।”

भट्टाचार्य की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब यादवपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार तड़के एबीवीपी और वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई तथा दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को लाने का आरोप लगाया।

हालांकि, एबीवीपी की एक रैली में हिस्सा लेने वाली भाजपा विधायक सरबरी मुखर्जी ने यादवपुर विश्वविद्यालय पर आरोप लगाया कि वह “देश-विरोधी तत्व पैदा करने वाली फैक्टरी” बन गया है।

मुखर्जी ने कहा, “काफी कोशिशों के बाद पश्चिम बंगाल में एक राष्ट्रवादी सरकार बनी है। हम इस राज्य में देश-विरोधी ताकतों को सिर नहीं उठाने देंगे। यादवपुर राज्य से बाहर नहीं है और मैं यहां किसी को भी देश-विरोधी बातें नहीं करने दूंगी। मैं निश्चित रूप से देश के खिलाफ नारे नहीं लगने दूंगी। देश सबसे पहले है। बाकी सब चीजें बाद में आती हैं।”

यादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठनों के बीच टकराव बुधवार को ‘फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन’ (एफईईटीएसयू) की एक बैठक के दौरान शुरू हुआ।

एबीवीपी का आरोप है कि बैठक के आयोजन के तरीके पर आपत्ति जताने के बाद उसके सदस्यों के साथ मारपीट की गई। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों ने एबीवीपी समर्थकों पर बाहरी लोगों को परिसर में लाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।

दोनों पक्षों के बीच झड़प में कई छात्र घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।

कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों को अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा रखने की आजादी है, लेकिन तोड़फोड़ मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि यादवपुर विश्वविद्यालय को अकादमिक और शोध क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए जाना जाना चाहिए।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश


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