UK Government Doctors Private Practice: सरकारी डॉक्टर अब देख सकेंगे प्राइवेट पेशेंट.. पूरी करनी होगी ये तीन शर्तें.. भाजपा सरकार लेने जा रही है ये बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार सरकारी डॉक्टरों को शाम में अस्पताल परिसर में मरीज देखने की अनुमति देने पर विचार कर रही है, तीन प्रमुख शर्तें रहेंगी।

UK Government Doctors Private Practice: सरकारी डॉक्टर अब देख सकेंगे प्राइवेट पेशेंट.. पूरी करनी होगी ये तीन शर्तें.. भाजपा सरकार लेने जा रही है ये बड़ा फैसला

Uttarakhand Government Doctors Private Practice || Image- IBC24 News Archive File

Modified Date: August 20, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: August 20, 2026 6:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरकारी डॉक्टर अस्पताल में मरीज देख सकेंगे
  • अस्पताल परिसर से बाहर प्रैक्टिस पर रोक
  • ऑपरेशन सरकारी अस्पताल में ही करना होगा

नई दिल्ली: सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर अब राज्य की धामी सरकारबाड़ा फैसला लेने जा रही है। जानकारी के मुताबिक़ उत्तराखंड की सरकार सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को शाम के समय मरीज देखने के लिए सशर्त निजी प्रैक्टिस की अनुमति देने की तैयारी की जा रही है। (Uttarakhand Government Doctors Private Practice) इसके पीछे सरकार का मकसद डॉक्टरों की सेवाओं का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ मरीजों को सरकारी अस्पतालों में कम खर्च पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित व्यवस्था में डॉक्टर अस्पताल परिसर के बाहर निजी क्लीनिक नहीं चला सकेंगे।

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राज्य में निजी प्रैक्टिस पर रोक, मिलता है अलाउंस

राज्य में फिलहाल सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने पर रोक है। इसके बदले उन्हें नियमित वेतन के अलावा नॉन प्रैक्टिस अलाउंस दिया जाता है। इसके बावजूद कई डॉक्टरों के निजी स्तर पर मरीज देखने की बात सामने आती रही है। सरकार अब इस व्यवस्था को नियंत्रित तरीके से सरकारी अस्पतालों के भीतर लाने पर विचार कर रही है।

प्रस्ताव के अनुसार सरकारी डॉक्टर शाम के समय अपने ही सरकारी अस्पताल परिसर में मरीजों को देख सकेंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह ऐच्छिक होगी। डॉक्टरों के लिए इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों से ली जाने वाली फीस भी न्यूनतम रखने का प्रावधान प्रस्तावित है।

ये है तीन बड़ी और प्रमुख शर्तें

नई व्यवस्था में डॉक्टरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह होगी कि वे मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर नहीं देख सकेंगे। (Uttarakhand Government Doctors Private Practice) इसका मतलब है कि निजी प्रैक्टिस के नाम पर अलग क्लीनिक चलाने या किसी अन्य निजी स्थान पर मरीज देखने की अनुमति नहीं होगी।

दूसरी अहम शर्त इलाज से जुड़ी होगी। यदि किसी मरीज को ऑपरेशन या अन्य ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया की जरूरत पड़ती है, तो उसे सरकारी अस्पताल में ही किया जाएगा। डॉक्टर मरीज को ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल या अपने निजी क्लीनिक में भेजकर वहां उपचार नहीं कर सकेंगे।

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तीसरी प्रमुख शर्त दवाओं से संबंधित है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए नहीं लिख सकेंगे। कोशिश यह रहेगी कि मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में उपलब्ध सुविधाओं और दवाओं का अधिकतम लाभ मिले। इससे इलाज का अतिरिक्त खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस व्यवस्था पर चर्चा की गई है। सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि प्रस्ताव को जल्द मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है। (Uttarakhand Government Doctors Private Practice) अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी और नियमों के स्पष्ट होने के बाद ही लागू होगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को फायदा हो सकता है। कई स्थानों पर सरकारी अस्पतालों में नियमित सेवाएं दोपहर बाद सीमित हो जाती हैं। ऐसे में शाम के समय मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या दूर के स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है।

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