अमित शाह ने जासूसी के आरोपों को लेकर कांग्रेस, वैश्विक संगठनों पर साधा निशाना

अमित शाह ने जासूसी के आरोपों को लेकर कांग्रेस, वैश्विक संगठनों पर साधा निशाना

अमित शाह ने जासूसी के आरोपों को लेकर कांग्रेस, वैश्विक संगठनों पर साधा निशाना
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: July 19, 2021 3:05 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विपक्षी कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर उन आरोपों के लिए निशाना साधा कि सरकार नेताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों के फोन की जासूसी करने में शामिल थी। शाह ने कहा कि ऐसे ‘‘अवरोधक’’ और ‘‘विघटनकारी’’ अपनी साजिशों से भारत को विकास के पथ से नहीं उतार पाएंगे।

शाह ने कड़े बयान में कहा कि कथित जासूसी के बारे में रिपोर्ट को कुछ लोगों ने आगे बढ़ाया है जिनका एकमात्र उद्देश्य विश्व स्तर पर भारत को अपमानित करने के लिए हर संभव प्रयास करना है। शाह ने कहा, ‘‘यह विघटनकारियों की अवरोधकों के लिए रिपोर्ट है। विघटनकारी वैश्विक संगठन हैं जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अवरोधक भारत में राजनीतिक खिलाड़ी हैं जो नहीं चाहते कि भारत उन्नति करे। भारत के लोग इस ‘क्रोनोलॉजी’ और संबंध को अच्छे से समझते हैं।’’

गृह मंत्री ने कहा कि वह भारत के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है, वह है ‘राष्ट्रीय कल्याण’ और सरकार इसे हासिल करने के लिए काम करती रहेगी चाहे कुछ भी हो जाए।

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के खुफिया जासूसी साफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक मौजूदा न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर हो सकता है कि हैक किए गए हों। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है।

शाह ने कहा कि जो लोग भारत को प्रगति पथ से उतारने की मंशा रखते हैं, वे देश के बारे में वही पुरानी बातें दोहरा रहे हैं। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को उछालना अप्रत्याशित नहीं है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘उनके पास लोकतंत्र को कुचलने का पुराना अनुभव है और उनका अपना घर ठीक नहीं है तो वे अब संसद में आने वाली किसी भी प्रगतिशील चीज को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।’’

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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