अंडमान ने पानी के भीतर स्कूबा डाइविंग प्रमाण पत्र समारोह आयोजित करके इतिहास रचा
अंडमान ने पानी के भीतर स्कूबा डाइविंग प्रमाण पत्र समारोह आयोजित करके इतिहास रचा
श्री विजय पुरम, 28 मार्च (भाषा) अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में अपनी तरह के पहले आयोजन के तहत, पर्यावरण एवं वन विभाग ने ‘ओपन वॉटर स्कूबा डाइविंग पाठ्यक्रम-कम-रीफ मॉनिटरिंग’ कार्यक्रम को पूरा करने वाले अग्रिम कर्मचारियों के लिए पानी के भीतर प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पर्यावरण और वन विभाग ने एक सप्ताह के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। शुक्रवार को समुद्र के नीचे आयोजित इस अनूठे समारोह में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और मुख्य वन्यजीव वार्डन संजय कुमार सिन्हा, प्रतिभागियों के साथ स्कूबा डाइविंग में शामिल हुए और पानी के भीतर पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र सौंपे।
सिन्हा ने कहा, ‘‘यह प्रतीकात्मक कदम अनुभवात्मक प्रशिक्षण की दिशा में एक अग्रणी पहल को दर्शाता है और समुद्री संरक्षण के लिए गहन शिक्षण पर दिए गए प्रशासन के जोर को उजागर करता है।’’
भारत सरकार के राष्ट्रीय तटीय मिशन के जीवमंडल प्रबंधन कार्यक्रम के तहत संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों को पानी के भीतर निगरानी, प्रवाल भित्ति (कोरल रीफ) निगरानी और समुद्री जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में सशक्त बनाना था।
समापन समारोह बाद में वांडूर स्थित समुद्री राष्ट्रीय उद्यान के ‘इंटरप्रिटेशन सेंटर’ में आयोजित किया गया, जहां सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ एस दिनेश कन्नन और मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय) ए अनिल कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
सिन्हा ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नाजुक समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों के प्रभावी संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रवाल भित्ति निगरानी और क्षेत्र के कर्मचारियों के बीच कौशल विकास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता से कर्मियों को लैस करने हेतु इस तरह की व्यावहारिक पहल आवश्यक हैं।
भाषा आशीष सिम्मी
सिम्मी

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