अन्नामलाई ने पेरियार की नास्तिक और ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को खारिज किया
अन्नामलाई ने पेरियार की नास्तिक और ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को खारिज किया
(फाइल फोटो सहित)
मदुरै (तमिलनाडु), 20 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने द्रविड़ नेता ई.वी. रामासामी ‘पेरियार’ के इतिहास में ‘‘कई विरोधाभास’’ का रविवार को उल्लेख करते हुए सशक्तीकरण और जाति-प्रथा खत्म करने में उनके योगदान को तो माना, लेकिन उनकी नास्तिक और ब्राह्मण-विरोधी विचारधाराओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
अन्नामलाई ने वैगई नदी से जुड़े सफाई अभियान में शामिल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पेरियार के सामाजिक सुधारों और उनके मुख्य वैचारिक सिद्धांतों के बीच एक स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वीकार करते हैं कि उन्होंने महिलाओं की मुक्ति के लिए आवाज उठाई। हम यह भी स्वीकार करते हैं कि उन्होंने जाति उन्मूलन की बात की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मैं पेरियार की नास्तिक विचारधारा को बिल्कुल स्वीकार नहीं करता और न ही उनकी ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को स्वीकार करता हूं।’’
द्रविड़ नेता के रुख में कथित ऐतिहासिक विरोधाभासों को रेखांकित करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ‘‘पेरियार ने 1935 में हिंदी का विरोध किया था, लेकिन 1965 में उन्होंने हिंदी का विरोध करने वालों को गोली मारने की बात कही थी।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि पेरियार ने हमेशा द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘1961 में उन्होंने लोगों से ‘पच्चै तमिझन’ कामराज को वोट देने की अपील की थी।’’ (पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को पेरियार ने ‘पच्चै तमिझन’ कहकर संबोधित किया था, जिसका अर्थ है ‘सच्चा तमिल’।)
अपनी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के बारे में अन्नामलाई ने दोहराया कि अगर तमिलनाडु में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, मंदिरों में लगी ऐसी प्रतिमाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जिनपर नास्तिकता से जुड़ी बातें उत्कीर्ण की गई हैं। अन्नामलाई ने कहा कि मंदिर के ठीक बाहर यह लिखा जाना कि ‘कोई भगवान नहीं है’, हमारे लिए ठीक नहीं होगा।’’
उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु आस्थावान होते हैं और उन्हें प्रवेश द्वार पर इस तरह के संदेश देखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
अन्नामलाई ने अपने ‘वी द लीडर्स’ अभियान के स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि तीन अगस्त से शुरू हुए सात सप्ताह के सफाई अभियान के दौरान मदुरै में वैगई नदी के 33 एकड़ क्षेत्र से 163 टन कचरा हटाया गया।
भाषा आशीष संतोष
संतोष

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