प्रश्नपत्र लीक विरोधी विधेयक में दोषियों के लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान : अमित शाह

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प्रश्नपत्र लीक विरोधी विधेयक में दोषियों के लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान : अमित शाह

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 07:45 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में पारित ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करता है, क्योंकि इसमें सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वालों को कठोर सजा देने के लिए बेहद सख्त प्रावधान किए गए हैं।

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ के पारित होने पर भारत के प्रत्येक छात्र को बधाई।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘यह विधेयक हमारे युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करता है, क्योंकि इसमें ऐसे कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिनसे सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता भंग करने की जुर्रत करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सकेगी।’’

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश के छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले।

‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ के प्रावधानों के मुताबिक, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

इसी तरह संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है।

विधेयक में राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल