चंडीगढ़, तीन मई (भाषा) सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने हाल ही में संशोधित किए गए बेअदबी विरोधी कानून पर चर्चा के लिए आठ मई को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को बुलाया है।
अकाल तख्त का कहना है कि यह कानून अस्वीकार्य है क्योंकि इसे विधानसभा में लाने से पहले सिखों की शीर्ष संस्थाओं को विश्वास में नहीं लिया गया था।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि अमृतसर में रविवार को सिख संस्थानों, संगठनों और विद्वानों की एक विशेष सभा में सर्वसम्मति बनी कि वर्तमान पंजाब सरकार द्वारा लाया गया और राज्य विधानसभा द्वारा ‘‘खालसा पंथ और श्री अकाल तख्त साहिब की सहमति के बिना पारित’’ संशोधित अधिनियम को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित मामले सिख समुदाय के आंतरिक धार्मिक मामले हैं और कोई भी सरकार इस संबंध में सिखों पर कानून नहीं थोप सकती।
जत्थेदार ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि प्रतिनिधि सिख संस्थाओं की अनदेखी क्यों की गई।
उन्होंने बताया कि जत्थेदार द्वारा बुलाई गई बैठक में सिख संगठनों ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 का विरोध किया और पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को विस्तृत चर्चा के लिए आठ मई को अमृतसर स्थित अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में बुलाया गया है।
भाषा शफीक सुभाष
सुभाष