अनुज अग्निहोत्री ने सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया; 958 उम्मीदवार सफल

Ads

अनुज अग्निहोत्री ने सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया; 958 उम्मीदवार सफल

  •  
  • Publish Date - March 6, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 08:14 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा शुक्रवार को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में एम्स से स्नातक अनुज अग्निहोत्री ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

राजेश्वरी सुवे एम और अकांश ढुल ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

अग्निहोत्री ने चिकित्सा विज्ञान को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) से एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) की उपाधि प्राप्त की है।

अग्निहोत्री ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित अपने आवास से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मैं इस उपलब्धि से बेहद खुश हूं। यह एक अविश्वसनीय एहसास है।”

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देते हुए कहा कि वे ही उनकी प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत रहे हैं।

अग्निहोत्री ने कहा, “उन्होंने (परिवार ने) मुझे और मेरे प्रयासों को प्राथमिकता दी और यह सुनिश्चित किया कि मैं परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करूं। मैं यह उपलब्धि अपने परिवार को समर्पित करता हूं।”

चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) की डिग्री प्राप्त करने वाली राजेश्वरी ने समाजशास्त्र को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर दूसरा स्थान हासिल किया। दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक (बीकॉम) की उपाधि प्राप्त करने वाले अकांश ने वाणिज्य और लेखाशास्त्र को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

अंतिम रूप से सफल उम्मीदवारों में शीर्ष पांच में एक महिला और चार पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं।

राघव झुनझुनवाला और ईशान भटनागर ने क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल करने वाले झुनझुनवाला ने अर्थशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर चौथा स्थान प्राप्त किया।

दिल्ली के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल करने वाली भटनागर ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर पांचवां स्थान प्राप्त किया।

शीर्ष 25 उम्मीदवारों में 11 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं।

आयोग ने बताया कि कुल 958 उम्मीदवारों (659 पुरुष और 299 महिलाएं) ने परीक्षा में सफलता हासिल की है और उन्हें विभिन्न केंद्रीय सिविल सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। उसने कहा कि 348 अनुशंसित उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को अस्थायी रखा गया है।

यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यूपीएससी ने आज सीएसई 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई, क्योंकि आप राष्ट्र की सेवा में अपना करियर शुरू कर रहे हैं। जो लोग सफल नहीं हो पाए, उन्हें इस यात्रा से मिली सीख आगे के रास्तों में मार्गदर्शन करेगी।”

सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य सेवाओं के अधिकारियों के चयन के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार – में आयोजित की जाती है। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2025 पिछले वर्ष 25 मई को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 9,37,876 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,76,793 उम्मीदवार वास्तव में परीक्षा में शामिल हुए थे।

अगस्त 2025 में आयोजित लिखित (मुख्य) परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 14,161 उम्मीदवार सफल हुए। इनमें से 2,736 उम्मीदवार व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) के लिए चुने गए।

शीर्ष 25 सफल उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यताएं देश के प्रमुख संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू), एम्स, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), अन्ना विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और मुंबई विश्वविद्यालय आदि से इंजीनियरिंग, मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, कानून, चिकित्सा विज्ञान और जनसंचार में स्नातक की पढ़ाई की है।

शीर्ष 25 सफल उम्मीदवारों ने लिखित (मुख्य) परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में मानव विज्ञान, वाणिज्य और लेखाशास्त्र, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, विद्युत अभियांत्रिकी, इतिहास, गणित, चिकित्सा विज्ञान, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध, लोक प्रशासन और समाजशास्त्र जैसे विषयों का चयन किया है।

यूपीएससी ने कहा कि अनुशंसित उम्मीदवारों में बेंचमार्क दिव्यांगता (40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता) वाले 42 व्यक्ति भी शामिल हैं – जिनमें 10 अस्थिभंग, 14 दृष्टिबाधित, नौ श्रवणबाधित और नौ बहु-दिव्यांगता वाले व्यक्ति हैं।

इसमें कहा गया है कि 258 अन्य उम्मीदवारों को आरक्षित सूची में रखा गया है।

कुल पात्र उम्मीदवारों में से 317 सामान्य वर्ग से, 104 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से, 306 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से, 158 अनुसूचित जाति (एससी) से और 73 अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणियों से संबंधित हैं।

आयोग ने कहा कि दो उम्मीदवारों के परिणाम अभी तक रोके गए हैं।

केंद्र सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भरी जाने वाली 1,087 रिक्तियों की घोषणा की थी।

यूपीएससी के परिसर में परीक्षा हॉल के पास एक “सुविधा काउंटर” बनाया गया है।

अभ्यर्थी कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच व्यक्तिगत रूप से या टेलीफोन के माध्यम से अपनी परीक्षाओं/भर्ती के संबंध में कोई भी जानकारी/ स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं।

बयान में कहा गया है, “परिणाम घोषित होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर वेबसाइट पर अंक उपलब्ध होंगे।”

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश