‘पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक प्रमुख बने रहने की इजाजत देने वाला शीर्ष अदालत का फैसला झटका नहीं’

'पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक प्रमुख बने रहने की इजाजत देने वाला शीर्ष अदालत का फैसला झटका नहीं'

‘पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक प्रमुख बने रहने की इजाजत देने वाला शीर्ष अदालत का फैसला झटका नहीं’
Modified Date: February 24, 2023 / 03:21 pm IST
Published Date: February 24, 2023 3:21 pm IST

चेन्नई, 24 फरवरी (भाषा) ओ. पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को कहा कि ई. के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को अन्नाद्रमुक का अंतरिम प्रमुख बने रहने की अनुमति देने वाला उच्चतम न्यायालय का फैसला कोई झटका नहीं है।

पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वह जनता के पास जाएंगे और न्याय मांगेंगे।

शीर्ष अदालत के फैसले पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कोई भी फैसला उनके लिए झटका नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘इस फैसले के बाद ही हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और अधिक उत्साहित हैं।’

ओपीएस के नाम से जाने जाने वाले पन्नीरसेल्वम ने कहा कि ‘धर्मयुद्ध’ जारी है। उन्होंने कहा कि वह और उनके समर्थक न्याय मांगने के लिए लोगों के पास जाएंगे।

पनीरसेल्वम ने खुद पर और अपने समर्थकों पर सत्तारूढ़ द्रमुक की ‘बी’ टीम होने के आरोपों संबंधी एक सवाल पर कहा, ‘‘वे (पलानीस्वामी गुट) द्रमुक की ‘ए टू जेड’ टीम हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या वे हम पर एक भी चीज को लेकर आरोप लगा सकते हैं? हजारों चीजें हैं, जो एक के बाद एक सामने आएंगी।’’

ओपीएस ने कहा कि वे पार्टी अनुशासन और यह सुनिश्चित करने के लिए अब तक धैर्य रखे हुए थे कि पार्टी में ‘टूट’ न हो।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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