चैतन्य बघेल को जमानत देने के खिलाफ ईडी और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज

चैतन्य बघेल को जमानत देने के खिलाफ ईडी और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज

चैतन्य बघेल को जमानत देने के खिलाफ ईडी और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज
Modified Date: July 22, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: July 22, 2026 12:43 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कथित शराब घोटाला मामलों में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और छत्तीसगढ़ सरकार की अलग-अलग याचिकाएं बुधवार को खारिज कर दीं।

हालांकि, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बघेल को जमानत देते समय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया।

ईडी और पुलिस की ईओडब्ल्यू ने इस मामले तथा इससे जुड़े धनशोधन मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देते हुए अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।

राज्य सरकार ने आरोप लगाया था कि चैतन्य बघेल इस चर्चित मामले के मुख्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं में शामिल हैं जबकि उनके वकील ने दलील दी थी कि उच्च न्यायालय ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया था और इस मामले में पिछले दो वर्ष से जांच जारी है।

उच्च न्यायालय ने कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में चैतन्य बघेल को दो जनवरी को जमानत दे दी थी।

भाषा सिम्मी शफीक

शफीक


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