नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 29 जून (भाषा) केरल के स्थानीय स्वशासन मंत्री के एम शाजी ने सोमवार को कहा कि राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश एन शेषाद्रिनाथन की नियुक्ति राज्य मंत्रिमंडल का सामूहिक निर्णय था। उनका यह बयान नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के भीतर उठ रही आलोचनाओं के बीच आया है।
राज्य सरकार ने शेषाद्रिनाथन को राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त करने के लिए राज्यपाल के पास सिफारिश भेजी थी।
हालांकि, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के महासचिव पी एम नियास ने हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि शेषाद्रिनाथन अपने कॉलेज के दिनों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई एसएफआई से जुड़े थे और बाद में उन्होंने संघ परिवार का समर्थन किया।
शाजी ने संवाददाताओं से कहा कि यह नियुक्ति किसी एक व्यक्ति का फैसला नहीं थी।
उन्होंने कहा, “यह मंत्रिमंडल का सामूहिक निर्णय था। इसे हमारे मंत्रिमंडल में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया।”
नियास की आलोचना का जिक्र करते हुए शाजी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कांग्रेस नेता से मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने उनके सामने यह मुद्दा नहीं उठाया।
उन्होंने कहा, “मेरा उनसे कोई विशेष मतभेद नहीं है। मैंने कल ही उनसे बात की थी।”
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष