हरित ऊर्जा कॉरिडोर के दूसरे चरण को मंजूरी से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: मोदी

हरित ऊर्जा कॉरिडोर के दूसरे चरण को मंजूरी से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: मोदी

हरित ऊर्जा कॉरिडोर के दूसरे चरण को मंजूरी से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: मोदी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: January 6, 2022 10:06 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली- हरित ऊर्जा कॉरिडोर के दूसरे चरण को मंजूरी दिए जाने से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 450 गीगावॉट का लक्ष्य प्राप्त करने में भारत के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति के फैसले से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 450 गीगावॉट का लक्ष्य प्राप्त करने में भारत के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। इसमें ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल विकास जैसे अन्य लाभ भी शामिल हैं।’’

ज्ञात हो कि सीसीईए ने अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएनएसटीएस) के लिये हरित ऊर्जा कॉरिडोर (जीईसी) के दूसरे चरण की योजना को मंजूरी दे दी।

इसके तहत लगभग 10,750 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइन तथा सब-स्टेशनों की लगभग 27,500 मेगा वोल्ट-एम्पियर (एमवीए) ट्रांसफार्मर क्षमता को अतिरिक्त रूप से जोड़े जाने को मंजूरी दी गई है।

इस योजना से सात राज्यों- गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश में ग्रिड एकीकरण और लगभग 20 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा की बिजली निकासी परियोजनाओं को मदद मिलेगी।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र माधव

माधव


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