‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी विवाद के बाद समर्थन में आईं ए आर रहमान की बेटियां

‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी विवाद के बाद समर्थन में आईं ए आर रहमान की बेटियां

‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी विवाद के बाद समर्थन में आईं ए आर रहमान की बेटियां
Modified Date: January 19, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: January 19, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) हिंदी फिल्मों में काम नहीं मिलने के बारे में ए आर रहमान की टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद अब उनकी बेटियां रहीमा और खतीजा ने अपने संगीतकार पिता के समर्थन में एक पोस्ट साझा किया है।

ऑस्कर विजेता संगीतकार ने हाल में ‘बीबीसी एशियन नेटवर्क’ को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म उद्योग में उनका काम काफी कम हो गया है और उन्होंने संकेत दिया कि इसका संबंध किसी ‘‘सांप्रदायिक मुद्दे’’ से हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म उद्योग में फैसला लेने की ताकत अब उन लोगों के हाथों में आ गई है जो रचनात्मक नहीं हैं, रचनात्मक नियंत्रण रचनाकारों से छिन गया है।

इन टिप्पणियों ने ऑनलाइन और मनोरंजन जगत में बहस छिड़ गई। आलोचकों ने रहमान की टिप्पणी के आधार को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद संगीतकार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया और उनका इरादा कभी भी ‘‘किसी को ठेस पहुंचाना’’ नहीं था।

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रहीमा और खतीजा ने सोमवार को संगीतकार कैलाश का एक पोस्ट साझा किया जिसमें कैलाश ने कहा था कि लोग रहमान से असहमत हो सकते हैं ‘‘लेकिन आप उन्हें अपने अनुभव व्यक्त करने की स्वतंत्रता से वंचित नहीं कर सकते’’।

कैलाश ने कहा, ‘‘असहमति जताएं, अपमान नहीं करें। ए आर रहमान को अपनी बात खुलकर कहने के लिए दोषी ठहराने वाले लोग बुनियादी बात को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने अपने मन की बात कही। यह उनका अधिकार है। आप उनसे असहमत हो सकते हैं, लेकिन आप उन्हें अपने अनुभव व्यक्त करने की स्वतंत्रता से वंचित नहीं कर सकते। हालांकि, इसके बाद जो हुआ वह असहमति से कहीं आगे बढ़कर अपशब्द और चरित्र हनन के दायरे में आ गया है।’’

उन्होंने रहमान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारतीय संगीत को विश्व तक पहुंचाया, देश का गरिमापूर्ण प्रतिनिधित्व किया और अपने काम के माध्यम से पीढ़ियों को आकार दिया।

भाषा सुरभि माधव

माधव


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