बेंगलुरु, 25 मार्च (भाषा) सेना की आठ आर्मी बेस वर्कशॉप (एबीडब्ल्यू) में से एक ‘515 एबीडब्ल्यू’ ने बुधवार को कहा कि उसने स्वदेशी ड्रोन निर्माण और उसके परिवेशी तंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए कई रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
बेंगलुरु स्थित 515 एबीडब्ल्यू ने रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैकेनिकल इंजीनियर्स महानिदेशालय (डीजी-ईएमई) और ‘हेडक्वार्टर्स बेस वर्कशॉप ग्रुप’ की ओर से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
पीआईबी के रक्षा प्रकोष्ठ की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रमुख संस्थानों और स्टार्टअप के साथ पहले के सफल सहयोग पर आधारित ये नयी रणनीतिक साझेदारियां, मानवरहित प्रणालियों के क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
बयान में कहा गया है कि स्वदेशी ड्रोन निर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए, 515 एबीडब्ल्यू ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप नॉटिकल विंग्स एयरोस्पेस के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है, जो उन्नत इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणालियों, ‘वर्टिकल लिफ्ट’ (सीधे ऊपर की ओर उठने संबंधी) समाधानों, ब्रशलेस डायरेक्ट करंट (बीएलडीसी) मोटर्स और यूएवी (ड्रोन) के लिए मिश्रित संरचनाओं में विशेषज्ञता रखता है।
बयान के अनुसार, इस रूपरेखा के तहत, नॉटिकल विंग्स आवश्यकतानुसार 515 एबीडब्ल्यू के तकनीशियनों को एकीकृत प्रणोदन प्रणालियों, बीएलडीसी मोटर एकीकरण, प्रणोदन अनुकूलन और कंपोजिट निर्माण तकनीकों में तकनीकी विशेषज्ञता और मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
बयान में बताया गया है कि इसके अतिरिक्त, 515 एबीडब्ल्यू ने आईआईएससी, बेंगलुरु के एआई एवं रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पार्क (एआरटी पार्क) में विकसित एक डीप-टेक स्टार्टअप, यानेंद्रिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
उसने कहा कि इन उभरती प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए, गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के साथ एक तीसरे समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
भाषा अमित सुरेश
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