युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेना विशेष ‘अश्नि’ ड्रोन पलटन शामिल करेगी : लेफ्टिनेंट जनरल कटियार

युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेना विशेष ‘अश्नि’ ड्रोन पलटन शामिल करेगी : लेफ्टिनेंट जनरल कटियार

युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेना विशेष ‘अश्नि’ ड्रोन पलटन शामिल करेगी : लेफ्टिनेंट जनरल कटियार
Modified Date: February 26, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:30 pm IST

पठानकोट (पंजाब), 26 फरवरी (भाषा) पश्चिमी कमान के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ’ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सेना ड्रोन युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पैदल सेना, तोपखाने और बख्तरबंद रेजिमेंट में विशेष ‘अश्नि’ ड्रोन पलटन का गठन कर रही है।

लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि विशेष ‘भैरव’ इकाइयों को दुश्मनों के क्षेत्र में अंदर तक जाकर हमले करने का जिम्मा सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते महत्व को देखते हुए सेना ने अपनी संरचनाओं का पुनर्गठन किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने महसूस किया कि ड्रोन का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, हमने सबसे छोटी उप-इकाइयों तक, सभी इकाइयों में ड्रोन के उपयोग को एकीकृत किया है।’’

उन्होंने कहा कि ‘अश्नि’ ड्रोन पलटन – पैदल सेना बटालियन के भीतर छोटी उप-इकाइयां – बनाई गई हैं और प्रत्येक रेजिमेंट में इसी तरह की विशेष पलटन बनाई जाएगी।

पश्चिमी सेना के कमांडर ने परिचालन तत्परता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य के युद्धों में सैनिकों की सुरक्षा और सटीक हमलों के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये विशेष बटालियन हमारी आक्रमण क्षमता और विशेष अभियान क्षमता को और बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं। आने वाले समय में, स्वतंत्र रूप से कार्य करने और दुश्मन के इलाके में अंदर तक घुसने में सक्षम छोटी, फुर्तीली टीम की आवश्यकता होगी।’’ उन्होंने कहा कि ‘भैरव’ इकाइयों को शत्रु के क्षेत्रों के काफी अंदर जाकर अभियान चलाने के लिए तैनात किया जाएगा।

लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में प्रदर्शित अधिकांश ड्रोन पश्चिमी कमान की कार्यशालाओं में निर्मित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सेना के भीतर ही ड्रोन बनाना शुरू कर दिया है और इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहे हैं। हम अपनी परिचालन आवश्यकताओं और आवश्यक तकनीक को समझते हैं, और हम इन्हें अपनी कार्यशालाओं में अधिक प्रभावी ढंग से बना सकते हैं।’’

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सेना कमांडर ने दोहराया कि भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था, और जब जवाबी हमले होने पर भारत ने सैन्य और हवाई अड्डों पर आक्रमण किया।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘इसके बाद उन्होंने न सिर्फ सीधे हमसे बल्कि अन्य देशों के माध्यम से भी संघर्ष विराम का आग्रह किया। वे हमसे लड़ नहीं सकते।’’

संघर्ष विराम प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने घटनाक्रम को पहले ही स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मीडिया में आने वाली खबरों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।

पाकिस्तान के बयान और भविष्य में संभावित अभियानों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा, ‘‘हमारी योजना स्पष्ट है। इस बार हमने वही किया जो आवश्यक था। अगली बार हम और अधिक दृढ़ता से और व्यापक रूप से कार्रवाई करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम कितने अंदर तक जाएंगे, यह अभियानगत योजना के विवरण का हिस्सा है। जब यह जमीनी स्तर पर होगा, तो आप देखेंगे कि यह पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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