इंफाल, 13 जुलाई (भाषा) मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कांतो सबल इलाके में हुई आगजनी की घटना को भाजपा विधायक हाइखम डिंगो सिंह ने सोमवार को ‘बेहद दुखद’ करार दिया।
सिंह उस इलाके के दौरे पर पहुंचे थे, जहां कुछ दिन पहले एक समुदाय के तीन परित्यक्त घरों को दूसरे समुदाय की करीब 600 लोगों की भीड़ ने कथित रूप से आग के हवाले कर दिया था।
उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई इस घटना के सिलसिले में दो. तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी कांगपोकपी जिले से रैली निकालकर आई करीब 600 लोगों की भीड़ कांतो सबल पहुंची थी और कई स्थानों पर सड़क अवरोध के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर इन परित्यक्त घरों को जला दिया। सड़क अवरोधों के कारण कुकी बहुल जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।
प्रभावित इलाके का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सेक्मई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सिंह ने कहा, ‘‘मैंने जिला पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त के साथ इलाके का दौरा किया और घटना के बारे में जानकारी ली।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह जानकर बेहद दुख हुआ कि ऐसी घटना हुई। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यह आगजनी राज्य के सबसे बड़े सैन्य शिविरों में से एक के ठीक सामने हुई।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमने इस मामले पर गृह मंत्री से चर्चा की है और अब तक दो-तीन संदिग्धों को पकड़ा गया है। आगे की जांच जारी है।’’
पुलिस ने शनिवार को बताया था कि इस घटना के संबंध में हेंगजांग गांव के प्रमुख कमांग ल्होउवुम (65) और खुनखो कुकी गांव निवासी पागिन हांगशिंग (30) को गिरफ्तार किया गया है।
मणिपुर में मई 2023 से, इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा मनीषा नरेश
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