अरुणाचल: आपसू ने मिसिंग समुदाय के लिए छूट की मांग का विरोध किया

अरुणाचल: आपसू ने मिसिंग समुदाय के लिए छूट की मांग का विरोध किया

अरुणाचल: आपसू ने मिसिंग समुदाय के लिए छूट की मांग का विरोध किया
Modified Date: June 1, 2026 / 09:39 pm IST
Published Date: June 1, 2026 9:39 pm IST

ईटानगर, एक जून (भाषा) अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (आपसू) ने असम के मिसिंग समुदाय को ‘‘इनर लाइन परमिट’’ (आईएलपी) व्यवस्था से छूट देने की मांग को खारिज कर दिया।

संगठन का कहना है कि परमिट प्रणाली एक संवैधानिक सुरक्षा उपाय है, जिसे अरुणाचल प्रदेश के बाहर की सभी अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

आपसू के अध्यक्ष मेजे ताकू ने असम के ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग द्वारा जारी एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन मिसिंग समुदाय और अरुणाचल प्रदेश की कई जनजातियों के बीच साझा ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों का सम्मान करता है लेकिन ऐसे संबंध मौजूदा कानूनी प्रावधानों को दरकिनार नहीं कर सकते।

टाकू ने एक बयान में कहा, “परमिट प्रणाली कोई भावनात्मक या सामुदायिक पसंद का मामला नहीं है। यह अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी लोगों को संवैधानिक और वैधानिक रूप से प्राप्त संरक्षण है। कोई भी समुदाय, चाहे उसके ऐतिहासिक संबंध या जातीय-भाषाई समानताएं कुछ भी हों, उस नियम से छूट का दावा नहीं कर सकता जो राज्य में प्रवेश करने और रहने वाले सभी गैर-अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों पर समान रूप से लागू होता है।”

आपसू ने कहा कि परमिट प्रणाली की व्यवस्था बंगाल पूर्वी सीमांत विनियमन, 1873 पर आधारित है और यह राज्य के आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र है।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में