ईटानगर, 17 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने सड़क, बिजली और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए शुक्रवार को 7,834 करोड़ रुपये मंजूर किए तथा पूर्व अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने का भी फैसला किया।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिमंडल ने राज्य में रोजगार, उद्यमिता और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई सुधारों की घोषणा की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने जिला मुख्यालयों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने और राजधानी क्षेत्र में सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए मुख्यमंत्री समग्र राज्य सड़क विकास योजना के दूसरे चरण के तहत 2,334 करोड़ रुपये मंजूर किए।
योजना के पहले चरण में 2019 से 2024 के दौरान सड़क और पुल से जुड़ी 899.58 करोड़ रुपये की लागत वाली 67 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 62 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल ने संबंधित विभागों को शेष परियोजनाएं मार्च 2027 तक पूरी करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दायरे में नहीं आने वाले क्षेत्रों को हर मौसम में सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री समग्र राज्य ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम के तहत तीन वर्ष के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण बिजली ढांचे के उन्नयन और आधुनिकीकरण तथा बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए मुख्यमंत्री समग्र राज्य बिजली विकास कार्यक्रम के तहत भी 2,000 करोड़ रुपये मंजूर किए।
बैठक में मंत्रिमंडल ने राज्य पुलिस, भारतीय रिजर्व बटालियन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ खनिज रक्षक, वन रक्षक, विशेष बाघ संरक्षण बल, वनपाल और कारागार वार्डन तथा समकक्ष पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने विद्यालयों में बुनियादी ढांचे संबंधी कमियों को दूर करने, शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत करने तथा अरुणाचल विद्या निधि मंच के माध्यम से निगरानी को बेहतर बनाने के लिए 2026 से 2029 तक ‘मिशन शिक्षित अरुणाचल’ के दूसरे चरण के वास्ते 1,500 करोड़ रुपये मंजूर किए।
बैठक में बताया गया कि मिशन के पहले चरण के तहत 2023 से 2026 के दौरान 3,112.50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था।
मंत्रिमंडल ने आठ अधिसूचित सैनिक विद्यालयों और देहरादून स्थित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज में पढ़ने वाले अरुणाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री सीमांत सैनिक स्कूल छात्रवृत्ति योजना को भी मंजूरी दी।
विद्यार्थियों को सैनिक और सैन्य विद्यालयों में प्रवेश दिलाने तथा सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में करियर बनाने में सहायता देने के लिए भारतीय सेना की अगुवाई में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने हर वर्ष 500 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पुनर्जीवित करने और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए ‘अरुण एमएसएमई मिशन’ को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने ‘अरुणाचल मानव पूंजी और आर्थिक परिवर्तन दृष्टिकोण-2036’ भी पेश किया, जिसके तहत एक लाख युवाओं के कौशल विकास का लक्ष्य रखा गया है। इसमें उद्योगों के साथ 100 साझेदारियां करने और राज्य के सभी 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक कौशल केंद्रों तथा उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है।
टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से लाभकारी मधुमक्खी पालन क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से तैयार ‘अरुणाचल प्रदेश मधुमक्खी पालन एवं शहद नीति-2026’ को भी मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली।
मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड नियम-2018 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत प्रत्येक श्रेणी की आरक्षित अथवा प्रतीक्षा सूची को मौजूदा 10 प्रतिशत या दो अभ्यर्थियों से बढ़ाकर रिक्तियों के 20 प्रतिशत या पांच अभ्यर्थियों (जो भी अधिक हो) तक किया जाएगा।
प्रतीक्षा सूची की वैधता भी छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने समूह ‘ए’ और ‘बी’ के तकनीकी पदों पर सीधी भर्ती के लिए साझा परीक्षा योजना को भी मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने अन्य प्रशासनिक फैसलों के तहत पहली और दूसरी अरुणाचल सशस्त्र पुलिस बटालियन में सहायक उपनिरीक्षक के 36 पद सृजित करने तथा कारागार एवं सुधार प्रशासन के विभिन्न पदों के लिए विशेष श्रेणी के पदनामों को मंजूरी दी।
भाषा सिम्मी सुरेश
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