ईटानगर, 17 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, नशे की लत की समस्या से निपटने तथा राज्यव्यापी 30 दिवसीय एकीकृत स्वास्थ्य अभियान के माध्यम से क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई तेज करने के लिए शुक्रवार को तीन प्रमुख पहलों को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने राज्यभर में किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने, लोगों को इलाज के खर्च से वित्तीय सुरक्षा देने तथा एकीकृत सामाजिक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुदृढ़, समान और स्वस्थ राज्य समग्र कार्ययोजना’ (सीएम केयर्स) शुरू करने को मंजूरी दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘सीएम केयर्स’ के तहत मुख्यमंत्री आरोग्य अरुणाचल योजना (सीएमएएवाई), मुख्यमंत्री अंग प्रतिरोपण सेवाएं, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य आपातकालीन जीवन सुरक्षा सेवाएं, मुख्यमंत्री निःशुल्क कीमोथेरेपी सेवाएं और मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित मौजूदा प्रमुख कार्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आरोग्य अरुणाचल योजना के तहत गुर्दा, यकृत और अस्थि मज्जा प्रतिरोपण के लिए दी जाने वाली मौजूदा आर्थिक सहायता में प्रत्येक के लिए 2.5 लाख रुपये की वृद्धि की जाएगी।
‘सक्रिय जीवन और स्वास्थ्य के लिए समग्र व्यवस्था’ (हील) के माध्यम से सरकार बीमारी की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और समग्र कल्याण पर अधिक ध्यान देना चाहती है।
मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों के सेवन और युवाओं, मानसिक स्वास्थ्य, एचआईवी, परिवारों तथा सामुदायिक सुरक्षा पर उसके प्रभाव से निपटने के लिए व्यापक कार्ययोजना ‘मिशन सुरक्षा’ (मादक पदार्थों, उनके दुष्प्रभाव और लत के खिलाफ राज्य की एकीकृत कार्रवाई) भी शुरू की।
मंत्रिमंडल ने एक अन्य प्रमुख फैसले के तहत ‘आयुष्मान आरोग्य शिविर’ को मंजूरी दी। यह राज्यभर में 30 दिन तक चलने वाला एकीकृत स्वास्थ्य शिविर अभियान होगा, जिसका उद्देश्य विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों तक बीमारी की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और उपचार संबंधी सेवाएं पहुंचाना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत व्यापक जांच, बीमारी का शीघ्र पता लगाने और समय पर उपचार के माध्यम से ‘टीबी मुक्त अरुणाचल प्रदेश’ का लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान दिया जाएगा।
भाषा सिम्मी पवनेश
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