केजरी का चौथे दिन भी धरना, दो मंत्रियों की तबीयत बिगड़ी

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केजरी का चौथे दिन भी धरना, दो मंत्रियों की तबीयत बिगड़ी

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  • Publish Date - June 15, 2018 / 08:43 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:51 PM IST

नई दिल्ली।नई दिल्ली। मुख्यमंत्री के साथ -साथ उनके चार मंत्री पिछले चार दिनों से उपराज्यपाल के घर में धरने पर बैठे हैं। लेकिन उपराज्यपाल हैं कि उनकी बात सुनने तैयार नहीं। वहीं, मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन का सुबह मेडिकल चेकअप हुआ जिसमें समें पता चला है कि सत्येंद्र जैन की तबीयत ठीक नहीं है। इतना ही नहीं लगातार धरने को एक तरफ जन सहयोग मिल रहा है तो दूसरी तरफ भाजपा के लोग अरविन्द केजरीवाल के धरने का विरोध भी कर रहे हैं। 

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अब खबर ये आ रही है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की लड़ाई में सहयोग करने आज उनकी पत्नी भी शामिल हो गयी हैं। दरअसल हुआ ये कि जैसे ही तबीयत बिगड़ने की खबर आई सुनीता केजरीवाल अपनी सास, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की पत्नी के साथ उप राज्यपाल के घर पहुंची लेकिन गेट पर ही सुरक्षा को ध्यान में रख कर उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। इसके बाद सुनीता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एलजी महोदय, क्या हम चार महिलाएं आपकी सुरक्षा के लिए किसी भी तरह से खतरा हैं? आप हमें अपने घर की ओर आने वाली सड़क में जाने से क्यों रोक रहे हैं? कृपया हस्तक्षेप करें. कृपया हर किसी को धमकी देने वाला न समझें । 

 

 

अब खबर ये आ रही है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की लड़ाई में सहयोग करने आज उनकी पत्नी भी शामिल हो गयी हैं। दरअसल हुआ ये कि जैसे ही तबियत बिगड़ने की खबर आई सुनीता केजरीवाल अपनी सास, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की पत्नी के साथ उप राज्यपाल के घर पहुंची लेकिन गेट पर ही सुरक्षा को ध्यान में रख कर उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।

 

 

इसके बाद सुनीता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एलजी महोदय, क्या हम चार महिलाएं आपकी सुरक्षा के लिए किसी भी तरह से खतरा हैं? आप हमें अपने घर की ओर आने वाली सड़क में जाने से क्यों रोक रहे हैं? कृपया हस्तक्षेप करें. कृपया हर किसी को धमकी देने वाला न समझें।

 

 

ज्ञात हो कि अरविन्द केजरीवाल पिछले चार दिन से अपनी 3 मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं जिनमें पहली मांग है.एलजी खुद IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि वो सर्विस विभाग के मुखिया है। काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन ले, राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें।

वेब डेस्क IBC24