अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पश्चिम एशिया संघर्ष को रोकने के लिए कहें: ओवैसी ने प्रधानमंत्री से कहा

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पश्चिम एशिया संघर्ष को रोकने के लिए कहें: ओवैसी ने प्रधानमंत्री से कहा

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 09:34 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 09:34 PM IST

हैदराबाद, छह मार्च (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर अपनी चुप्पी तोड़ने और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध को समाप्त करने का आग्रह करने का आह्वान किया।

यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से दो दिन पहले श्रीलंका के तट पर अमेरिकी सैन्य पनडुब्बी द्वारा ईरानी जहाज आईरिस देना को डुबोए जाने की घटना का पूरा विवरण देने को भी कहा।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा भारतीय तेल आयात के संबंध में हाल में की गई घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को अमेरिकी अधिकारी को कड़ा जवाब देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत अपनी इच्छा के अनुसार तेल खरीदेगा।

उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘‘डरने’’ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह युद्ध समाप्त होना चाहिए। प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। फोन उठाइए और ट्रंप से कहिए कि यह तमाशा बंद करें। उन्हें (अमेरिका को) कोई नुकसान नहीं हो रहा है। हमारे नागरिक पीड़ित हैं। वहां कौन मर रहा है? भारतीय मर रहे हैं। आपने गाजा पर चुप्पी साध रखी है।’’

ओवैसी ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि ईरानी जहाज भारतीय जलक्षेत्र के बाहर डूबा था। उन्होंने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह घटना भारत के निकट हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई चीनी जहाज हमारे देश के करीब आता है, तो आप क्या करेंगे? आप कहेंगे कि वह भारतीय जलक्षेत्र में नहीं था। पानी की कोई सीमा नहीं होती। देखिए दुश्मन कितना करीब आ गया था। प्रधानमंत्री का संवैधानिक दायित्व है कि वह देश को बताएं कि क्या हुआ। हम ‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) में अमेरिका के साथ हैं।’’

भारत और अमेरिका के बीच हुए रणनीतिक समझौतों का हवाला देते हुए एआईएमआईएम नेता ने कहा कि ईरानी नौसेना पोत भारत के निमंत्रण पर विशाखापत्तनम आया था जबकि अमेरिका ने वहां नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने से इनकार कर दिया था।

इस बात को रेखांकित किया कि खाड़ी क्षेत्र में एक करोड़ भारतीय नागरिक काम करते हैं और बढ़ते युद्ध के कारण प्रवासी भारतीयों की नौकरियां चली गईं।

भाषा सुरभि माधव

माधव