असम: गोगोई के मेज पर चढ़ने का वीडियो जारी करने पर विचार कर रहे विधानसभा अध्यक्ष
असम: गोगोई के मेज पर चढ़ने का वीडियो जारी करने पर विचार कर रहे विधानसभा अध्यक्ष
गुवाहाटी, 24 जुलाई (भाषा) असम विधानसभा में विधायकों के गैर-संसदीय आचरण पर सख्त रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने शुक्रवार को कहा कि वह राइजोर दल के विधायक अखिल गोगोई का वह वीडियो जारी करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें तय समय पूरा होने पर भाषण समाप्त करने के लिए कहे जाने पर वह सदन में अपनी मेज पर चढ़ गए थे।
दास ने यह भी कहा कि विधानसभा को सोशल मीडिया पर हो रही बातों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए और केवल सदन में हुई घटनाओं तक ही सीमित रहना चाहिए।
अध्यक्ष ने यह टिप्पणी विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष वाजेद अली चौधरी द्वारा उठाए गए व्यवस्था के प्रश्न के दौरान की।
चौधरी ने कहा, ‘चाहे जो भी वजह रही हो, स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर यह धारणा बनाई गई कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। चूंकि हम गोगोई के समर्थन में खड़े थे, इसलिए मैं इस मुद्दे को आपके संज्ञान में लाना चाहता था।’
संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने दावा किया कि गोगोई विधानसभा के बाहर ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे सदन में जो हुआ, उससे अलग तस्वीर पेश होती है।
उन्होंने कहा, ‘इस पर कुछ चर्चा होनी चाहिए।’
इस पर अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली बातचीत और वहां बनाए जा रहे माहौल से विधानसभा का कोई संबंध नहीं है और सदन को इस पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है।
अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उन्होंने बाढ़ को लेकर दो स्थगन प्रस्ताव खारिज किए थे। एक प्रस्ताव बुधवार को कांग्रेस की ओर से और दूसरा बृहस्पतिवार को राइजोर दल की ओर से लाया गया था, क्योंकि अनुपूरक अनुदानों पर मतदान के दिन ऐसे प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जा सकते।
दास ने कहा, ‘मुझे यह सुनिश्चित करना था कि बजट पारित हो, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए धन उपलब्ध कराया जा सके। इसलिए स्थगन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया गया। फिर भी, क्योंकि गोगोई शिवसागर के विधायक हैं, जो सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में से एक है, इसलिए मैंने उन्हें दो मिनट तक इस मुद्दे पर बात करने की अनुमति दी।’
अध्यक्ष ने कहा कि तय दो मिनट पूरे होने के बाद जब गोगोई से भाषण समाप्त करने को कहा गया, तब उनका व्यवहार विधायक रूप में उचित नहीं था और इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
उन्होंने कहा, ‘मैं 2011 से विधायक हूं, लेकिन मैंने आज तक किसी विधायक को मेज पर चढ़ते नहीं देखा। मैं विधानसभा सचिव से उनका वीडियो जारी करने का अनुरोध करने पर विचार कर रहा हूं।’
बृहस्पतिवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा कराने की मांग वाले अपने स्थगन प्रस्ताव को अध्यक्ष द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में गोगोई अपनी मेज पर चढ़ गए थे। इसके बाद अध्यक्ष दास ने उन्हें पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया था।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश

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