भारत में 2014 से मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हुई: स्वास्थ्य राज्य मंत्री

भारत में 2014 से मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हुई: स्वास्थ्य राज्य मंत्री

भारत में 2014 से मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हुई: स्वास्थ्य राज्य मंत्री
Modified Date: July 24, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: July 24, 2026 4:22 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को बताया कि भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 में 387 थी जो अब बढ़कर 844 हो गई है, जबकि स्नातक सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1,39,489 हो गई है।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने यह भी बताया कि इसी अवधि में पीजी मेडिकल सीटों की संख्या 31,185 से बढ़कर 86,360 हो गई है।

मंत्री ने कहा कि दूर-दराज और कम सुविधा वाले इलाकों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने और एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने से डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर होने और पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने की उम्मीद है।

पटेल ने ‘फैमिली अडॉप्शन प्रोग्राम’ (एफएपी) का भी जिक्र किया, जिसे एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

इस प्रोग्राम के तहत, मेडिकल कॉलेज गांवों को गोद लेते हैं, जबकि एमबीबीएस छात्र उन गांवों के परिवारों को गोद लेते हैं। वे टीकाकरण, विकास की निगरानी, ​​माहवारी के दौरान साफ-सफाई, आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली, वेक्टर कंट्रोल और दवा लेने के नियमों के बारे में नियमित फॉलो-अप करते हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा शुरू किए गए ‘डिस्ट्रिक्ट रेसीडेंसी प्रोग्राम’ (डीआरपी) के तहत, पीजी मेडिकल छात्रों के लिए अपने प्रशिक्षण के तहत जिला अस्पतालों में तीन महीने की पोस्टिंग जरूरी है।

इस कार्यक्रम का मकसद ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करना है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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