असम ने आदिवासियों की समस्याओं को एक रिपोर्ट में संकलित किया

असम ने आदिवासियों की समस्याओं को एक रिपोर्ट में संकलित किया

असम ने आदिवासियों की समस्याओं को एक रिपोर्ट में संकलित किया
Modified Date: January 11, 2026 / 09:17 pm IST
Published Date: January 11, 2026 9:17 pm IST

गुवाहाटी, 11 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई ने रविवार को दावा किया कि राज्य के आदिवासी समुदाय कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनमें आदिवासी भूमि और वन अधिकारों के कथित उल्लंघन आदि के कारण आजीविका की असुरक्षा और आर्थिक हाशिये पर जाना शामिल है।

पार्टी ने कहा कि मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उसके घोषणापत्र में आदिवासियों की समस्याओं को प्रमुखता दी जाएगी।

एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन मुद्दों को पार्टी के एक ‘कोर एसटी स्टडी ग्रुप’ की रिपोर्ट में उजागर किया गया, जिसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को सौंपा गया।

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प्रदेश कांग्रेस महासचिव निर्मल लंगथासा के नेतृत्व में इस समूह का गठन पिछले साल नवंबर में डिमोरिया, बोको, दुधनोई और गोलपारा पश्चिम के अनुसूचित जनजाति (एसटी)-बहुल विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं के साथ एक बैठक के बाद किया गया था, ताकि ‘‘असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस घोषणापत्र में शामिल करने के लिए आदिवासी समुदायों की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों, मुद्दों और मांगों का व्यापक रूप से अध्ययन किया जा सके।’’

समूह ने इन चार निर्वाचन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बातचीत की और आदिवासी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों तथा अनुसूचित जनजाति समुदायों- राभा, गारो, बोडो, हाजोंग, अमरी कार्बी, तिवा और मिसिंग का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों के साथ बैठकें, परामर्श और विस्तृत बैठकें कीं।

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश


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