असम सरकार ने केंद्र सरकार को अधिक आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं के लिए पत्र लिखा है: हिमंत

असम सरकार ने केंद्र सरकार को अधिक आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं के लिए पत्र लिखा है: हिमंत

असम सरकार ने केंद्र सरकार को अधिक आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं के लिए पत्र लिखा है: हिमंत
Modified Date: February 15, 2026 / 12:51 pm IST
Published Date: February 15, 2026 12:51 pm IST

गुवाहाटी, 15 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राज्य में अधिक आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं की मांग की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मोरान में पूर्वोत्तर के पहले ईएलएफ (आपातकालीन लैंडिंग सुविधा केंद्र) का उद्घाटन करने के एक दिन बाद शर्मा ने यह बात कही।

उन्होंने यह घोषणा भी की कि असम सरकार अगले महीने नागर विमानन मंत्रालय के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगी, जिसके तहत माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस में चार और हवाई अड्डों के निर्माण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा।

शर्मा ने यहां संवाददाता को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे एक ‘ट्विन ट्यूब रोड-कम-रेल टनल’ और ‘चिकन नेक’ गलियारे के नीचे एक भूमिगत राजमार्ग सहित रणनीतिक रूप से अहम और भी संपत्ति के निर्माण योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मोरान ईएलएफ का असम और पूर्वोत्तर के लिए अत्यंत रणनीतिक महत्व है। प्रधानमंत्री द्वारा कल एयर चीफ मार्शल की उपस्थिति में इसका उद्घाटन करना एक बहुत मजबूत संदेश है कि भारत इस मोर्चे पर हर चीज के लिए तैयार है।’’

शर्मा ने कहा कि चीन से सटी सीमा को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश में कई राजमार्ग और अन्य रणनीतिक परियोजनाएं जारी हैं और ‘‘असम को युद्ध की स्थिति में ‘बैकअप’ राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, ‘‘हमने केंद्र को पत्र लिखकर राज्य में और अधिक आपातकालीन सहायता केंद्रों (ईएलएफ) की मांग की है। बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान उपयोग के लिए हमें ऐसी और सुविधाओं की आवश्यकता है। भारी बारिश के दौरान, सी130 जैसे परिवहन वाहन राहत सामग्री लेकर ईएलएफ पर उतर सकेंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में एक और ईएलएफ खोला गया है और संभावना है कि राज्य में ऐसे चार-पांच और केंद्र बनाए जाएंगे।

शनिवार को मोदी का सी-130जे विमान डिब्रूगढ़ जिले के मोरान स्थित पूर्वोत्तर के पहले ईएलएफ पर ऐतिहासिक रूप से उतरा था।

भाषा सुरभि जोहेब

जोहेब


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