असम-मिजोरम सीमा मुद्दा: चार दिन बाद ट्रकों की आवाजाही शुरु की गई

असम-मिजोरम सीमा मुद्दा: चार दिन बाद ट्रकों की आवाजाही शुरु की गई

असम-मिजोरम सीमा मुद्दा: चार दिन बाद ट्रकों की आवाजाही शुरु की गई
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: October 22, 2020 1:55 pm IST

आइजोल/गुवाहाटी, 22 अक्टूबर (भाषा) असम और मिजोरम में टकराव के पश्चात अंतरराज्यीय सीमा पर शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दोनों राज्यों में सहमति बनने के एक दिन बाद, आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही चार दिनों के बाद फिर से शुरू हो गई है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

शनिवार की रात दोनों राज्यों के लोगों के बीच झड़प के बाद से सीमा के दोनों किनारों पर फंसे हुए ट्रकों की आवाजाही आज सुबह से शुरू कर दी गई है।

हालांकि मिजोरम के एक प्रमुख छात्र संगठन ने दोनों राज्यों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर नाकाबंदी शुरू की है।

छात्र संगठन मिजो जिरलाई पावल (एमजेडपी) ने कहा कि उन्होंने बुधवार शाम से सीमा के पास मिजोरम के कोलासिब जिले के वैरेंगटे में नाकाबंदी शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया कि असम के कछार जिले के लैलापुर के लोगों ने भी नाकाबंदी की है।

संगठन के अध्यक्ष बी वनलालताना ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य मिजोरम के क्षेत्र की रक्षा करने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों पर लंबे समय से चल रहे अंतर-राज्य सीमा विवाद को हल करने का दबाव बनाना था।

उन्होंने कहा कि नाकाबंदी के लिए बृहस्पतिवार तड़के संगठन के उपाध्यक्ष पीटर छंगटे सहित 11 एमजेडपी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि पुलिस ने इस बात से इनकार किया है।

कोलासिब जिले के पुलिस अधीक्षक वनलालफका राल्ते ने पीटीआई-भाषा को बताया कि असम के कछार जिले से बृहस्पतिवार सुबह पुलिस सुरक्षा में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले कुछ ट्रकों ने राज्य में प्रवेश किया।

कछार जिले के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आज सुबह से 140 से अधिक ट्रक मिजोरम सीमा पार कर चुके हैं। कुछ ट्रक सीमा पार से लैलापुर भी पहुंच गए हैं।’’

इस बीच, मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुरक्षा बलों को सीमा क्षेत्रों से हटने के लिए तब तक न कहें, जब तक कि केंद्र इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं ले लेता है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है।

भाषा शुभांशि माधव

माधव


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