बहुडा यात्रा में भीड़ प्रबंधन से कोई समझौता नहीं होगा : ओडिशा मुख्यमंत्री माझी

बहुडा यात्रा में भीड़ प्रबंधन से कोई समझौता नहीं होगा : ओडिशा मुख्यमंत्री माझी

बहुडा यात्रा में भीड़ प्रबंधन से कोई समझौता नहीं होगा : ओडिशा मुख्यमंत्री माझी
Modified Date: July 22, 2026 / 04:00 pm IST
Published Date: July 22, 2026 4:00 pm IST

भुवनेश्वर/पुरी, 22 जुलाई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को बहुडा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को पुरी में भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री माझी के ये निर्देश 16 जुलाई को पुरी में रथयात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मृत्यु और कई अन्य के बीमार पड़ने की घटना के बाद आए हैं।

चौबीस जुलाई को होने वाली बहुदा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए माझी ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए।

चौबीस जुलाई को बहुदा यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथों को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर तक वापस खींचा जाएगा।

बहुडा यात्रा के बाद 25 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक सुना बेश (स्वर्ण वेश) होगा जिसमें 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) को सभी धार्मिक अनुष्ठानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा, ‘कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मामलों में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।’

उन्होंने अधिकारियों को भीड़ की निगरानी के लिए वैज्ञानिक तरीकों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण प्रणाली से जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

माझी ने कहा, ‘यदि सीसीटीवी से प्राप्त जानकारी को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण प्रणाली के माध्यम से तत्काल संबंधित स्थान तक पहुंचाया जाए तो स्थिति का आसानी से समाधान किया जा सकता है।’

उन्होंने श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों से प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद रथयात्रा के दौरान अपनी सेवाएं देने वाले सेवायतों, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों की सराहना की।

उन्होंने अधिकारियों से बहुडा यात्रा, सुना बेष और 27 जुलाई को होने वाले नीलाद्रि बीजे के दौरान भी इसी समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करने को कहा।

माझी ने रथयात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मृत्यु होने पर शोक व्यक्त किया और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

राज्य सरकार पहले ही मृतक श्रद्धालुओं के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा कर चुकी है।

बैठक में एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बहुडा यात्रा और मंदिर में होने वाले अन्य अनुष्ठानों की तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, मुख्य सचिव अंगु गर्ग, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई. बी. खुरानिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

इस बीच, भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तलध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथों को ‘दक्षिण मोड़’ नामक अनुष्ठान के तहत सफलतापूर्वक दक्षिण दिशा की ओर मोड़ दिया गया।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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