कॉजपा की वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील, कहा- आंदोलन जारी रहेगा
कॉजपा की वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील, कहा- आंदोलन जारी रहेगा
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनके त्याग ने देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है। कॉजपा ने यह भी आश्वासन दिया कि कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन उसकी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
वांगचुक को संबोधित एक सार्वजनिक पत्र में कॉजपा ने उनसे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए ‘परीक्षा न्याय’ के अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया।
पत्र में कहा गया, ‘पूरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। आपके त्याग ने देशभर के हजारों छात्रों को प्रेरित किया है।’
वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।
कॉजपा ने 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आंदोलन के समर्थन में विभिन्न राज्यों से छात्र दिल्ली पहुंचे थे। पत्र में कहा गया, ‘आपने यह दिखाया है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ी है और छात्र न्याय के हकदार हैं। लेकिन इस समय हमें आपकी सेहत का भी ख्याल रखना है।’
कॉजपा ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि उनके अनशन को लेकर वह जो भी फैसला करें, आंदोलन जारी रहेगा।
पत्र में कहा गया, ‘हम वादा करते हैं कि यह संघर्ष आपके अनशन के साथ समाप्त नहीं होगा। परीक्षा न्याय की हमारी मांगें पूरी होने तक हम विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे और इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। इसे जारी रखने के लिए हम हरसंभव प्रयास करेंगे।’
कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए यही अपील दोहराई। उन्होंने कहा, ‘हम सोनम वांगचुक सर से अपना अनशन समाप्त करने का अनुरोध करते हैं। देश को उनकी जरूरत है और उनका जीवन इतना बहुमूल्य है कि उसे और खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।’
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
उन्होंने लिखा, ‘सोनम वांगचुक के अनशन का आज 25वां दिन है। प्रधानमंत्री ने अब तक इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है। राजनीति केवल चुनावी रैलियां करने और चुनाव जीतने का नाम नहीं है। यह लोगों के प्रति जवाबदेह होने का भी नाम है।’
उन्होंने यह भी सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने वांगचुक से संपर्क क्यों नहीं किया, प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने ‘इतनी बर्बर’ कार्रवाई क्यों की और कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े विवाद के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब भी पद पर क्यों बने हुए हैं।
वांगचुक 28 जून को कॉजपा के नेतृत्व वाले जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल हुए थे और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्होंने अपना अनशन जारी रखा है। वहीं, सोमवार को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद जंतर-मंतर पर धरना भी जारी है।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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