राजस्थान: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया

राजस्थान: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया

राजस्थान: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया
Modified Date: July 22, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: July 22, 2026 4:09 pm IST

जयपुर, 22 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं के धरने के खिलाफ बुधवार को यहां कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय की ओर पैदल मार्च निकाला।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगुवाई में आयोजित विरोध प्रदर्शन व मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।

पार्टी नेताओं के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के ‘अमर्यादित व्यवहार’ के विरोध में निकाला गया।

भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने आयुक्तालय के पास अवरोधक लगाकर उन्हें रोक दिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब कुछ कार्यकर्ताओं ने अवरोधक फांदने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए पानी की बौछार की।

अधिकारी ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अवरोधक लगाए गए थे। लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें फांदने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया।’

पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और यातायात मार्ग बदल दिया था।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की और इसे बचकाना हरकत बताया।

राठौड़ ने कहा, ‘यह एक सांकेतिक विरोध था। हम कोई टकराव नहीं चाहते। प्रश्न पत्र लीक के नाम पर हुए तथाकथित आंदोलन में एक भी छात्र शामिल नहीं था। जो लोग घायल हुए और अस्पताल में भर्ती कराए गए वे छात्र नहीं हैं। वे पत्थर फेंकने के लिए किराए के गुंडे लाए थे। यह सब नाटक था। उन्होंने मीडिया को भी निशाना बनाया।’

उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी कल प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे जो बेहद निंदनीय है। इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष इतने निचले स्तर पर उतर आए हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। वे 56 साल के हैं लेकिन बच्चों जैसा व्यवहार करते हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।’

राठौड़ ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद राहुल गांधी सदन में चर्चा के लिए सहमत हो गए थे।

उन्होंने दावा किया, ‘बाद में राहुल गांधी अपनी बात से पीछे हट गए और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने लगे।’

उन्होंने कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था को खराब करने का आरोप लगाया।

राठौड़ ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान ने स्कूलों में गुरु गोबिंद सिंह, महाराणा प्रताप और तेजाजी की जीवन गाथाएं पढ़ाने की व्यवस्था की थी।’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मार्च ’56 साल के बच्चे’ को चेताने और कड़ा संदेश देने के लिए निकाला गया था।

उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि लोकतंत्र मज़बूत हो लेकिन आपातकाल तो उन्होंने ही लगाया था। वे लोकतंत्र के रक्षक नहीं हो सकते। हम मर्यादा और शालीनता बनाए हुए हैं। कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

मार्च के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस तथा उसके नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।

भाषा पृथ्वी जोहेब

जोहेब


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