गुवाहाटी। देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़नशिप (नागरिकता लिस्ट) सोमवार को जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक राज्य में रहने वाले 40 लाख लोग वैध नागरिक रही हैं, जबकि राज्य में रहने वाले 2.89 करोड़ लोग वैध नागरिक हैं। इस रजिस्टर में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं, जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं।
हालांकि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में यह आश्वासन भी दिया गया है कि जो लोग वैध नागरिक नहीं पाए गए हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकाड़ी के मुताबिक कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समूचे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। रजिस्टर के आज जारी होते ही जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को कड़ी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। सात जिलों- बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी में धारा 144 लगा दी गई है।
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बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने संबंधित जिलों में संवेदनशील इलाकों की पहचान की है और किसी भी अप्रिय घटना, खासकर अफवाह फैलने के बाद होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए स्थिति पर बेहद सावधानी से नज़र रखी जा रही है। असम और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए केंद्र ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 220 कंपनियों को भेजा है।
कहा गया कि इस मसौदे में जिनके नाम नहीं होंगे उनके दावों की पर्याप्त गुंजाइश होगी। अगर वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज़ में मौजूद नहीं हों, तो वे घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें (महिला / पुरुष) संबंधित सेवा केंद्रों में एक तय फॉर्म को भरना होगा। ये फॉर्म 7 अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे और उन्हें इसका कारण बताना होगा कि मसौदे में उनके नाम क्यों छूटे।
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इसके बाद उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिए एक अन्य तय फॉर्म भरना होगा। यह 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा। आवेदक अपने नामों को निर्दिष्ट एनआरसी सेवा केंद्र जाकर 30 जुलाई से 28 सितंबर तक सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक देख सकते हैं.
वेब डेस्क, IBC24