(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा)असम पुलिस की एक टीम मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर उनसे पूछताछ के लिए पहुंची और तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी द्वारा खेड़ा के आरोपों के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत पर की गई। खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर तीन पासपोर्ट और अघोषित संपत्ति रखने का आरोप लगाया था।
असम पुलिस के डीसीपी देबोजित नाथ ने कांग्रेस नेता के आवास के बाहर संवाददाताओं से कहा कि खेड़ा अपने आवास पर नहीं मिले। उन्होंने कहा, हालांकि आवास की तलाशी ली गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
नाथ ने कहा कि कुछ ‘‘दोष साबित करने वाली सामग्री’’ मिली है, लेकिन जांच के इस स्तर पर इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
डीसीपी ने बताया कि गुवाहाटी की अपराध शाखा पुलिस थाना ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
शर्मा ने खेड़ा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास तीन पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति है, जिसे मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी पूर्वाह्न करीब 11 बजे मध्य दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित खेड़ा के आवास पर पहुंचे और लगभग दो घंटे बाद वहां से चले गए।
कांग्रेस ने शर्मा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह नौ अप्रैल के चुनावों में ‘‘आसन्न’’ हार के कारण ‘‘परेशान और विचलित’’ हैं और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस खेड़ा को ‘‘पाताल’’ से भी ढूंढ निकालेगी और उनसे उन ‘‘फर्जी दस्तावेजों’’ के बारे में पूछताछ करेगी, जिनका इस्तेमाल उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए किया था।
शर्मा ने असम के शिवसागर में एक चुनावी जनसभा से इतर ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा,‘‘पवन खेड़ा ने असम पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी, लेकिन अब वह हैदराबाद भाग गये हैं।’’
दिल्ली में डीसीपी देबोजीत नाथ ने कहा कि कांग्रेस नेता का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन उन्हें ढूंढ निकाला जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने यहां पहुंचने पर औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस की एक टीम भी जांच में शामिल हो गई और प्रक्रिया में सहयोग कर रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जनहित में बुनियादी सवाल पूछने पर मेरे सहयोगी पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों की पूरी फौज की तैनाती यह साबित करती है कि असम के मुख्यमंत्री हताश और परेशान हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह उचित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रतिशोध की कार्रवाई है, एक ऐसे मुखर विपक्ष की आवाज को दबाने और चुप कराने के लिए सरकारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है, जो सरकार के कई कारनामों को उजागर कर रहा है। जो डराते हैं वे डरे हुए होते हैं और उनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ होता है।’’
रमेश ने दावा किया कि इससे यह भी साबित होता है कि मुख्यमंत्री को आसन्न हार का सामना करना पड़ रहा है।
असम में चुनाव प्रचार करने गए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खेड़ा द्वारा शर्मा की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि सभी एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं, और आरोपों की जांच उन्हीं को करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘खेड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्हें मामले की जांच करने दीजिए। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, हम उसका सामना करेंगे। हमने आरोपों की जांच ईडी या सीबीआई से कराने की मांग की है।’’
शर्मा ने सोमवार को पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने उनकी पत्नी के खिलाफ ‘निराधार’ और ‘दुर्भावनापूर्ण’ आरोप लगाने के लिए एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त ‘गलत सूचना’ का उपयोग किया। उन्होंने इसे असम चुनावों को प्रभावित करने का एक प्रयास और एक दंडनीय अपराध करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी पत्नी ने खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि पुलिस मामला दर्ज करेगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।’’
इस बीच, खेड़ा के एक पड़ोसी ने बताया कि पूर्वाह्न करीब 11 बजे उन्हें इमारत के गार्ड का फोन आया, जो घबराया हुआ लग रहा था और उसने उन्हें बताया कि पुलिस आई है।
उन्होंने बताया, ‘‘मैंने फिर अपनी पत्नी को फोन किया, जिसने मुझे बताया कि वहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है और उसने पर्दे लगा दिये हैं। उसने यह भी बताया कि पुलिस ने हमारे दरवाजे पर दस्तक दी थी, लेकिन गार्ड ने स्पष्ट किया कि हमारा घर किसी दूसरे परिवार का है, जिसके बाद वे ऊपर चले गए।’’
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप