गुवाहाटी, 17 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि असम पुलिस शुक्रवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के तहत ‘ऑफलाइन सत्यापन अनुरोधकर्ता इकाई’ (ओवीएसई) के रूप में पंजीकृत होने वाली पूर्वोत्तर की पहली राज्य एजेंसी बन गई और इससे रोजमर्रा की पुलिस सेवाएं अधिक तेज और आसान हो जाएंगी।
शर्मा ने कहा कि असम पुलिस ओवीएसई के रूप में पंजीकृत होने वाला देश का तीसरा पुलिस बल है।
शर्मा राज्य के गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज असम पुलिस यूआईडीएआई के तहत ‘ऑफलाइन सत्यापन अनुरोधकर्ता इकाई’ के रूप में पंजीकृत होने वाली पूर्वोत्तर की पहली राज्य एजेंसी बन गई।’’
शर्मा ने कहा कि यह राज्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों, नदी के टापुओं और सीमावर्ती गांवों सहित राज्य के कई हिस्सों में तेज इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं है तथा ओवीएसई के रूप में पंजीकरण के बाद अब पुलिस का गश्ती दल क्यूआर कोड को स्कैन करके किसी भी व्यक्ति की पहचान संबंधी जानकारी का तुरंत सत्यापन कर सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आधार के क्यूआर कोड में एक ऐसी डिजिटल मुहर होती है, जिसकी नकल नहीं की जा सकती। ऐसे में किसी अपराधी या अवैध घुसपैठिये के लिए फर्जी आधार कार्ड दिखाकर पुलिस को गुमराह करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि इससे किरायेदारों का सत्यापन, चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और हथियार लाइसेंस संबंधी सत्यापन जैसी रोजमर्रा की पुलिस सेवाएं अधिक तेज और आसान हो जाएंगी।
शर्मा ने कहा, ‘‘इस पंजीकरण के साथ असम ने कुशल, चाक-चौबंद और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।’’
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सिम्मी पवनेश
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