नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की सोमवार को प्रस्तावित बैठक से पहले इसके एक घटक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस से कहा है कि उसे केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अपने कुछ नेताओं के उन दावों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि वाम दल की भाजपा के साथ मिलीभगत थी।
सूत्रों के मुताबिक, बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर माकपा पर हमलों के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। पत्र की प्रतियां ‘ इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ के अन्य घटक दलों को भी भेजी गई हैं।
विपक्ष के एक नेता ने कहा कि बेबी ने तर्क दिया है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खुद खरगे सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार लगाए गए आरोप नियमित चुनावी बयानबाजी से परे हैं और संयुक्त रूप से भाजपा से मुकाबला करने के लिए बनाए गए विपक्षी गठबंधन के आधार पर प्रहार करते हैं।
केरल में कांग्रेस के चुनाव अभियान का जिक्र करते हुए माकपा नेता ने कांग्रेस पर ‘सुनियोजित अभियान’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह भी दावा किया गया था कि वाम और भाजपा के बीच का एक राजनीतिक समझौता था व तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सहमति थी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप ‘इंडिया’ गठबंधन की सहयोग की भावना के विपरीत हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन का गठन भाजपा से राजनीतिक रूप से लड़ने के लिए एक व्यापक मंच के रूप में किया गया था और विभिन्न विचारधाराओं और कार्यक्रमों की पार्टियां जो कई राज्यों में चुनावी प्रतिद्वंद्वी हैं, इस उद्देश्य के लिए एक साथ आईं।
बेबी ने कहा कि माकपा ने विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए 2023 में इस गठबंधन की स्थापना के बाद से लगातार काम किया है।
कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए, वाम नेता ने कहा कि पार्टी ने केरल में भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
उनका कहना है कि इस मुद्दे का विपक्षी एकजुटता पर प्रभाव पड़ सकता है।
बेबी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा आठ जून की होने वाली बैठक से पहले इस ‘विघटनकारी कदम’ पर ‘स्पष्टीकरण’ दिए जाने की आवश्यकता है।
माकपा नेता ने पत्र में कहा, ‘जब तक इन मामलों को स्पष्ट नहीं किया जाता, इंडिया गठबंधन का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में रहेगा।’
भाषा हक दिलीप पवनेश
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