अमित शाह से मिले बघेल, नक्सल समस्या खत्म करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया

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अमित शाह से मिले बघेल, नक्सल समस्या खत्म करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया

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  • Publish Date - November 17, 2020 / 10:44 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:42 PM IST

नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उनसे बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से यहां जारी बयान के मुताबिक, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की मुलाकात के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा बढ़ाने तथा बस्तर में सीआरपीएफ की दो और बटालियन की तैनाती सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई जिस पर शाह ने जल्द कदम उठाने का आश्वासन दिया।

बयान में कहा गया है कि बघेल ने गृह मंत्री कहा, ‘‘ बस्तर अंचल में लौह अयस्क प्रचुरता से उपलब्ध है। यदि बस्तर में स्थापित होने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत छूट पर लौह अयस्क उपलब्ध कराया जाए, तो वहां सैकड़ों करोड़ का निवेश तथा हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया, ‘‘ कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के कारण बड़े भाग में अभी तक ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच पाई है। सौर उर्जा संयंत्रों की बड़ी संख्या में स्थापना से ही आमजन की ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति तथा उनका आर्थिक विकास संभव है।’’

बयान के अनुसार, बघेल ने वनांचलों में लघु वनोपज, वन औषधियां तथा अनेक प्रकार की उद्यानिकी फसलों के प्रसंस्करण एवं विक्रय की व्यवस्था के लिए कोल्ड चेन निर्मित करने हेतु अनुदान दिये जाने का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राज्य के बस्तर अंचल के सातों आकांक्षी जिलों में आजीविका के साधनों के विकास हेतु कलेक्टरों को कम से कम 50-50 करोड़ रूपये की राशि प्रतिवर्ष दिए जाने की मांग की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास के लिए एनएमडीसी का निजीकरण नहीं करने की बात कही, जिस पर गृह मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने आजीविका विकास, नक्सल क्षेत्रों में बैंकों, सड़कें, आधारभूत संरचना के विकास संबंधी मुद्दों पर गृहमंत्री से चर्चा की।

इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधिकारियों और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की रायपुर में जल्द ही बैठक भी तय की गई है ।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा