बाजवा ने भारत-ईयू एफटीए से पंजाब को फायदे के दावे पर सवाल उठाया

बाजवा ने भारत-ईयू एफटीए से पंजाब को फायदे के दावे पर सवाल उठाया

बाजवा ने भारत-ईयू एफटीए से पंजाब को फायदे के दावे पर सवाल उठाया
Modified Date: February 2, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: February 2, 2026 6:59 pm IST

चंडीगढ़, दो फरवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार को भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद पंजाब के निर्यात-आधारित विकास के केंद्र के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे और नीतिगत समर्थन के बिना केवल ‘‘बयानबाजी’’ से सीमावर्ती राज्य इसके लाभों से वंचित रह जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा था कि यूरोपीय संघ के साथ हुए एफटीए से पंजाब के उत्पादकों सहित भारतीय निर्माताओं को अपने उत्पादों को निर्यात करने पर लाभ होगा।

बाजवा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री द्वारा जालंधर में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री ने भारत-ईयू व्यापार समझौते के तहत यूरोप को सामान भेजने की बात कही, लेकिन पंजाब की जमीनी हकीकत ऐसे आश्वासनों को बेहद संदिग्ध बना देती है।

उन्होंने कहा, ‘‘अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने यूरोप को निर्यात के नए अवसरों के बारे में बात की और कहा कि पंजाब को भारत तथा यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाना चाहिए।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पंजाब का सवाल सीधा सा है – जब राज्य खुद व्यापारिक बंधनों में जकड़ा हुआ है, तो हम अपने माल को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कैसे भेज सकते हैं?’’

बाजवा ने अटारी-वाघा भूमि मार्ग का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि भूमि मार्ग से जुड़े सीमावर्ती राज्य के रूप में पंजाब का प्राकृतिक लाभ अर्थहीन हो गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘स्थलीय सीमा अब भी बंद है। यूरोप तथा एशिया के लिए, और आगे यूरोप तक जाने वाले जमीनी व्यापार मार्ग, जो पंजाब के लिए सबसे किफायती और कुशल हैं, अनुपलब्ध हैं। निर्यातकों को लंबे एवं महंगे समुद्री मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उत्पादों के यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने से पहले ही उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो रही है।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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