बंद से आम लोगों को मुश्किलें होती हैं : मणिपुर के मुख्यमंत्री

बंद से आम लोगों को मुश्किलें होती हैं : मणिपुर के मुख्यमंत्री

बंद से आम लोगों को मुश्किलें होती हैं : मणिपुर के मुख्यमंत्री
Modified Date: August 30, 2026 / 07:32 pm IST
Published Date: August 30, 2026 7:32 pm IST

इंफाल, 30 अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद के आह्वान को रविवार को वापस लेने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों के लिए मुश्किलें ही बढ़ती हैं।

सिंह ने यह भी कहा कि विरोध के इन तरीकों से कभी-कभी हिंसा हो जाती है।

मुख्यमंत्री का यह बयान ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (जेएफडी) की ओर से 31 अगस्त की आधी रात से बुलाए गए 24 घंटे के बंद से पहले आया है। यह बंद राज्य में जनगणना की प्रक्रिया से पहले एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर बुलाया गया है।

नयी दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले सिंह ने कहा कि उनकी सरकार और केंद्र राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में सिंह ने कहा, ‘‘बंद बुलाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि इससे लोगों को और अधिक परेशानी होगी। बंद के दौरान सबसे अधिक नुकसान दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों को होता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद के दौरान सब्जी बेचने वाली महिलाओं को बहुत परेशानी होती है, क्योंकि वे रोजाना अपनी फसल बेचकर गुजारा करती हैं और उनके काम में किसी भी तरह की रुकावट से उनके परिवारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि बंद की वजह से पढ़ाई-लिखाई का सामान्य माहौल बिगड़ने से छात्रों को काफी परेशानी होती है।

सिंह ने अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने 14 नागरिक समाज संगठनों के नेताओं और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल की भूमिका की सराहना की, जिन्होंने हाल ही में नयी दिल्ली में अभियान चलाया और राज्य में एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर केंद्रीय नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात की।

सिंह ने कहा, ‘‘उनके अभियान को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केंद्र के शीर्ष नेताओं से मिलने और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तीन साल से अधिक समय बाद इंफाल, दीमापुर और गुवाहाटी को जोड़ने वाली सड़क पर परिवहन सेवाएं बिना किसी समस्या के बहाल कर दी गई हैं।

मणिपुर में मई 2023 से अब तक मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


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