एयर इंडिया बी787 इंजन घटना के बाद निर्माता कंपनी जीई ने जांच का दायरा बढ़ाया: डीजीसीए

एयर इंडिया बी787 इंजन घटना के बाद निर्माता कंपनी जीई ने जांच का दायरा बढ़ाया: डीजीसीए

एयर इंडिया बी787 इंजन घटना के बाद निर्माता कंपनी जीई ने जांच का दायरा बढ़ाया: डीजीसीए
Modified Date: August 30, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: August 30, 2026 7:28 pm IST

(मोहित सैनी)

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को बताया है कि वर्ष 2023 में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के एक इंजन के उड़ान के दौरान अचानक बंद होने की घटना के बाद निर्माता कंपनी जीई एयरोस्पेस ने प्रभावित इंजनों के लिए बोरोस्कोप जांच की आवश्यकताओं को बढ़ा दिया है।

सीआईसी के सामने एक आरटीआई मामले में यह जानकारी सामने आई। आरटीआई आवेदन में मुंबई में चार अगस्त, 2023 को एयर इंडिया के बोइंग बी787-8 विमान वीटी-एएनवी के इंजन नंबर-1 के बिना कमांड दिए बंद होने की घटना पर डीजीसीए द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।

आरटीआई आवेदनकर्ता ने सवाल किया था कि क्या एयर इंडिया के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई और क्या एयरलाइन को अपने बी787-8 विमानों के बेड़े की सुरक्षा जांच करने का निर्देश दिया गया था।

डीजीसीए ने आयोग को बताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद उसे जरूरी कार्रवाई के लिए ‘एयरवर्थीनेस’ निदेशालय को भेज दिया गया था।

डीजीसीए ने आगे बताया कि जीई एयरोस्पेस ने 21 दिसंबर, 2023 को सेवा बुलेटिन एसबी 72-0543 जारी किया, जिसमें प्रभावित इंजनों के लिए बोरोस्कोप जांच की आवश्यकताओं को बढ़ाया गया और इसमें अतिरिक्त इंजन सीरियल नंबर भी शामिल किए गए थे।

डीजीसीए ने कहा कि इस बुलेटिन का पालन तय समय सीमा में पूरा कर लिया गया और एयरवर्थीनेस निदेशालय ने यह माना कि सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिशे पूरी हो गई हैं।

जीई एयरोस्पेस और एयर इंडिया को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।

अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि मुंबई से लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान AI-131 में 267 लोग सवार थे। रवानगी के दौरान विमान के एक इंजन में खराबी आई और उसके बाद वह उड़ान के दौरान बंद हो गया।

विमान वापस मुंबई लौट आया, जहां उसने एक इंजन के सहारे अधिक वजन के साथ सुरक्षित लैंडिंग की। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

रिपोर्ट में बताया गया कि इंजन के हाई प्रेशर कंप्रेसर (एचपीसी) स्टेज-10 ब्लेड को ‘लॉकिंग लग्स’ उचित तरीके से इंस्टॉल नहीं किए जाने के कारण नुकसान पहुंचा, जिससे इंजन में खराबी आई और बाद में वह बंद हो गया।

रिपोर्ट में कहा गया कि ब्लेड निकलने की वजह वर्ष 2018 में लॉकिंग लग्स की ‘सही तरीके से इंस्टॉलेशन नहीं होना’ था।

यह मामला सीआईसी के पास इसलिए पहुंचा क्योंकि डीजीसीए के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने अपने शुरुआती जवाब में आवेदनकर्ता को बताया था कि अंतिम जांच रिपोर्ट नियामक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। हालांकि, उन्होंने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(डी) के तहत बाकी जानकारी देने से इनकार कर दिया था।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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