बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने धनशोधन मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार किया

बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने धनशोधन मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार किया

बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने धनशोधन मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार किया
Modified Date: July 5, 2023 / 04:16 pm IST
Published Date: July 5, 2023 4:16 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने कथित धोखाधड़ी और ऋणदाता के 429 करोड़ रुपये के धन का दुरुपयोग करने से जुड़े एक मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया है।

संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि सेवा विकास सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अमर साधुराम मूलचंदानी को एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने उन्हें (अमर साधुराम) सात जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

ईडी ने कहा, ”यह गिरफ्तारी सेवा विकास सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में जारी जांच के संबंध में की गई है, जिसमें बैंक को 124 गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) ऋण खातों में 429 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।”

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एजेंसी के मुताबिक, इस संबंध में बैंक को दिवालिया होना पड़ा, जिसकी वजह से हजारों छोटे जमाकर्ताओं को नुकसान उठाना पड़ा।

इस मामले में एजेंसी द्वारा यह पांचवीं गिरफ्तारी है।

ईडी ने इससे पहले सागर सूर्यवंशी नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसने सहकारी बैंक से ऋण लिया हुआ था। इसके अलावा ईडी के मुंबई कार्यालय से अनुबंध पर काम कर रहे दो कर्मियों और मूलचंदानी के एक करीबी सहयोगी को जांच की संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के लिए रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सूर्यवंशी के बारे में बताते हुए ईडी ने पहले यह आरोप लगाया था कि उसके (सूर्यवंशी) और उसके रिश्तेदारों ने सहकारी बैंक के 10 एनपीए ऋण खातों में लगभग 60.67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

इससे पहले मूलचंदानी और उनके परिवार के पांच सदस्यों को महाराष्ट्र पुलिस ने 27 जनवरी को बैंक अध्यक्ष के खिलाफ ईडी की छापेमारी में बाधा उत्पन्न करने और सबूतों को कथित रूप से नष्ट करने के लिए गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मूलचंदानी की कुछ बेनामी संपत्तियों सहित 122.35 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।

भाषा जितेंद्र जितेंद्र देवेंद्र

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