कच्छ के बन्नी घास के मैदानों को चीतों के संभावित आवास के रूप में तैयार किया जा रहा: मंत्री

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कच्छ के बन्नी घास के मैदानों को चीतों के संभावित आवास के रूप में तैयार किया जा रहा: मंत्री

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 10:31 PM IST

गांधीनगर, 16 मार्च (भाषा) गुजरात सरकार कच्छ जिले के विशाल बन्नी घास के मैदानों को चीतों के संभावित आवास के रूप में तैयार कर रही है, जिसके लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकास पर पहले ही 14.70 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने सोमवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

चीतों की प्रजातियां दशकों पहले भारत में विलुप्त हो गई थीं। एक महत्वाकांक्षी पुनर्वास परियोजना के तहत अफ्रीका से लाकर उन्हें सितंबर 2022 से मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया।

अपने विभाग की बजटीय मांगों पर मोढवाडिया ने कहा कि 1947 से पहले चीते भारत और गुजरात में मौजूद थे, लेकिन बाद में वे गायब हो गए, जिससे ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र बनाना आवश्यक हो गया जहां इस प्रजाति का अस्तित्व फिर से स्थापित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि बन्नी घास के मैदानों के भीतर चीतों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए अब तक 14.70 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में चीतों को यहां लाए जाने के बाद यह क्षेत्र सासन गिर की तरह एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।

भाषा शुभम रंजन

रंजन