ओडिशा राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने दो, बीजद और निर्दलीय को एक-एक सीट मिली

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ओडिशा राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने दो, बीजद और निर्दलीय को एक-एक सीट मिली

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 10:36 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 10:36 PM IST

भुवनेश्वर, 16 मार्च (भाषा) ओडिशा में सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चार सीट में से दो पर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट जीती।

निर्वाचन अधिकारी एवं ओडिशा विधानसभा सचिव सत्यव्रत राउत ने चारों नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र सौंपा।

भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के सांसद सुजीत कुमार ने 35-35 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। बीजद के उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा ने 31 वोट पाकर चुनाव जीता।

भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने द्वितीय वरीयता के मतों के माध्यम से चौथी सीट पर कब्जा किया। उन्होंने विपक्ष समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हराया।

अधिकारी ने बताया कि राय और होता दोनों को 23-23 प्रथम वरीयता के वोट मिले।

चुनाव में 147 विधानसभा सदस्यों ने मतदान किया। इस प्रक्रिया में ‘क्रॉस-वोटिंग’ देखने को मिली, जिसमें कई विपक्षी विधायकों ने भाजपा उम्मीदवारों और भाजपा समर्थित निर्दलीय का कथित तौर पर समर्थन किया।

विपक्ष के उप मुख्य सचेतक एवं बीजद विधायक पी.के. देव ने दावा किया कि बीजद के आठ विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की।

उन्होंने कहा कि इन विधायकों में चंद्रमणि कन्हार (बालीगुडा), सुबासिनी जेना (बस्ता), सौविक विश्वाल (चोद्वार-कटक), नबा किशोर मलिक (जयदेव), रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं।

इससे पहले, कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा था कि उनकी पार्टी के तीन विधायकों ने पार्टी निर्णय के खिलाफ मतदान कर भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन किया।

दास ने दावा किया, ‘‘हमारे तीन विधायकों रमेश जेना, दाशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस ने पार्टी के फैसले के खिलाफ मतदान किया।’’

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल