टेलीग्राम पर पाबंदी लगाना सड़क पर बने गड्ढे को भरने के बजाय करने उसे बंद करने जैसा : दीपके

टेलीग्राम पर पाबंदी लगाना सड़क पर बने गड्ढे को भरने के बजाय करने उसे बंद करने जैसा : दीपके

टेलीग्राम पर पाबंदी लगाना सड़क पर बने गड्ढे को भरने के बजाय करने उसे बंद करने जैसा : दीपके
Modified Date: June 19, 2026 / 08:10 pm IST
Published Date: June 19, 2026 8:10 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 19 जून (भाषा) ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दोबारा कराई जा रही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से पहले ‘मैसेजिंग’ ऐप टेलीग्राम पर अस्थायी पाबंदी लगाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह सड़क पर बने गड्ढों को भरने के बजाय उस मार्ग को ही बंद करने जैसा है।

दिल्ली में कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन के लिए रवाना होने से पहले महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने गांव संटुक पिंपरी में संवाददातओं से बात करते हुए दीपके ने दावा किया, ‘‘ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) फिर से आयोजित की जा रही है, लेकिन छात्रों की आत्महत्याएं नहीं रुकी हैं। पिछले 48 घंटों में पांच और छात्रों ने आत्महत्या की है।’’

स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रम के लिए 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही परीक्षा (नीट) से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी पाबंदी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह सड़क पर बने गड्ढों को भरने के बजाय उसे (सड़क को) बंद करने जैसा है…टेलीग्राम पर रोक लगाने का कोई मतलब नहीं है।’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों का मुद्दा उठाए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर दीपके ने कहा, ‘‘मैंने अभी तक उनसे बात नहीं की है। लेकिन जो भी नेता छात्रों की परवाह करते हैं और (यह मानते हैं कि) प्रश्नपत्र लीक से देश का भविष्य खराब हो रहा है, उन्हें आगे आना चाहिए और छात्रों का साथ देना चाहिए।’’

भाषा सुभाष संतोष

संतोष


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