कोलकाता, 13 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक लड़की के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता लाहेक अली ने सोमवार को पुलिस कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया।
पुलिस का आरोप है कि अली ने उन प्रदर्शनकारियों को उकसाया था, जिन्होंने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर कथित तौर पर हत्या कर दी थी और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ करने के साथ ही टायर जलाए तथा सड़क जाम कर दिया था, जिससे इलाके में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
बारुईपुर अदालत ले जाए जाने के दौरान अली ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और मैं हिंसा में शामिल नहीं था।’’
अदालत ले जाते समय अली को हेलमेट पहने देखा गया।
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर थाना क्षेत्र में पांच जुलाई को हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार होने वाले वह पहले राजनीतिक नेता हैं।
अली 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बारुईपुर पश्चिम विधानसभा सीट से माकपा के उम्मीदवार थे।
यह हिंसा उस समय भड़की थी जब 11 वर्षीय लड़की के लापता होने के एक दिन बाद उसका शव एक तालाब से बरामद किया गया था।
राज्य मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने अली की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों के बजाय घटना का विरोध करने वाले लोगों को निशाना बना रही है।
सलीम ने कहा, ‘‘अपराधियों को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस घटना के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार कर रही है।’’ उन्होंने इस गिरफ्तारी को ‘‘पूर्व नियोजित’’ बताया।
माकपा के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी अली की गिरफ्तारी को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ करार दिया।
भाषा मनीषा रंजन
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